एक हमले में मारे गए शीर्ष ईरानी अफसर आईआरजीसी
तेहरान, 31 मार्च (आईएएनएस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक हमले में सेना के शीर्ष अधिकारी के मारे जाने की पुष्टि की है। आईआरजीसी के अनुसार, सेना के ब्रिगेडियर जनरल और चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ के सलाहकार जमशेद इशाकी का निधन हो गया है।
अल जजीरा ने आईआरजीसी के हवाले से इसकी जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया, "जनरल ने एक टॉप सलाहकार के तौर पर बहुत ही शानदार सेवा दी थी।" यह घटना नेवी कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी की मौत के बाद हुई है।
स्थानीय मीडिया आउटलेट रोज न्यूज के अनुसार इस हमले में ब्रिगेडियर जनरल के साथ उनके परिवार के पांच सदस्य भी मारे गए हैं।
अधिकारी फिलहाल ब्रिगेडियर जनरल इशाकी के घर पर हुए हमले की जानकारी की जांच कर रहे हैं। आज औपचारिक घोषणा के दौरान एक प्रवक्ता ने कहा, "हम अपने स्टाफ के एक बहुत बड़े नुकसान का शोक मना रहे हैं।"
बयान में कहा गया है कि इशाकी उन प्रमुख नेताओं में से एक थे जिन्होंने 1979 में क्रांति की जीत के बाद से ईरानी शासन की सेवा में अपना जीवन व्यतीत किया, और सशस्त्र बलों की क्षमताओं को मजबूत करने और रक्षा प्रणाली के विकास में योगदान देने में उनकी भूमिका प्रशंसनीय रही।
इशाकी, एक ईरानी जनरल और ईरान के सैन्य तंत्र में एक वरिष्ठ वित्तीय अधिकारी थे। उन्होंने ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ (एएफजीएस) के भीतर बजट और वित्तीय मामलों के कार्यालय के प्रमुख के रूप में कार्य किया; यह शीर्ष कमान देश की विभिन्न सैन्य शाखाओं के बीच समन्वय स्थापित करती है। इस भूमिका में, इशाकी सैन्य वित्त और बजट के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे—जिसका ईरान के संदर्भ में अक्सर यह अर्थ होता है कि रक्षा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए तेल संसाधनों का उपयोग किया जाए।
ईरान के शीर्ष अधिकारियों की मौत की पुष्टि की यह एक नई श्रृंखला है। संघर्ष के पहले दिन 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को मारा जा चुका है। महीने की शुरुआत में देश के शक्तिशाली सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी समेत कई प्रमुख हस्तियां हमले का शिकार हो गई हैं।
26 मार्च को ही इजरायल ने दावा किया था कि सटीक हमले में उसने नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार दिया है। यह तब हुआ जब वह तटीय सुरक्षा की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे थे। इजराइल काट्ज ने कहा कि अलीरेजा तंगसीरी के साथ नौसेना कमांड के कई सीनियर अधिकारी भी मारे गए, हालांकि उनके नाम नहीं बताए गए थे। तंगसीरी मार्च की शुरुआत में ही कह चुके थे कि वे आक्रामक दुश्मन को सबसे कठोर झटका देंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की रणनीति पर अडिग रहेंगे।
वहीं अब इशाकी की मौत भी ईरान के लिए बड़ा झटका है।
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Created On :   31 March 2026 8:12 PM IST












