गैर-कानूनी हिरासत के 24 घंटे बाद अभिजीत, सौरव और आशुतोष रांका रिहाः सीजेपी

गैर-कानूनी हिरासत के 24 घंटे बाद अभिजीत, सौरव और आशुतोष रांका रिहाः सीजेपी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि एक बड़ी कानूनी जीत में दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सीजेपी के नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को रिहा कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें लगभग 24 घंटे तक गैर-कानूनी रूप से एहतियातन हिरासत में रखा था।

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि एक बड़ी कानूनी जीत में दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सीजेपी के नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को रिहा कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें लगभग 24 घंटे तक गैर-कानूनी रूप से एहतियातन हिरासत में रखा था।

इन नेताओं को रविवार सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये का श्योरिटी बॉन्ड भरने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने का वचन देने पर रिहा करने का आदेश दिया।

सीजेपी ने कहा कि इन तीनों नेताओं को 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही उनके विमान से हिरासत में ले लिया गया था, ताकि वे तय लोकतांत्रिक प्रदर्शनों में शामिल न हो सकें। मनमाने ढंग से की गई इस हिरासत की कड़ी आलोचना हुई और इसे कानूनी चुनौती भी दी गई। यह सब तब हुआ जब राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, जिनमें जवाबदेही और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

कोर्ट के आदेश के बाद सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने उनकी रिहाई की पुष्टि की। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने आज दोपहर 2:00 बजे नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की है, जिसमें इस गैर-कानूनी कार्रवाई के बारे में मीडिया से बात की जाएगी और पार्टी के आगामी लोकतांत्रिक आंदोलन की जानकारी दी जाएगी।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर को बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत एहतियातन गिरफ़्तार किया गया था। सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और उन्हें रविवार को एसईएम कोर्ट, दिल्ली कैंट के सामने पेश किया गया। एक साल तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने के लिए 50,000/- का ज़मानत बॉन्ड भरा गया और एसईएम कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   11 Oct 2026 12:45 PM IST

Tags

Next Story