गन्ना किसान देश की रीढ़, विपक्ष ने सिर्फ अपने लोगों को दिया लाभ संजय निषाद

गन्ना किसान देश की रीढ़, विपक्ष ने सिर्फ अपने लोगों को दिया लाभ संजय निषाद
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि गन्ना किसान देश और कृषि क्षेत्र की रीढ़ हैं और 2017 के बाद भाजपा सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें प्राथमिकता दी। उन्होंने विपक्ष पर जातियों के नाम पर वोट मांगने और चुनिंदा परिवारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि निषाद और कश्यप समुदाय आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है।

बरेली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि गन्ना किसान देश और कृषि क्षेत्र की रीढ़ हैं और 2017 के बाद भाजपा सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें प्राथमिकता दी। उन्होंने विपक्ष पर जातियों के नाम पर वोट मांगने और चुनिंदा परिवारों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि निषाद और कश्यप समुदाय आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है।

संजय निषाद ने कहा, "गन्ना किसान देश और कृषि क्षेत्र की रीढ़ हैं। 2017 से पहले किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन हमारी सरकार ने उनकी चिंताओं को दूर करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए काम किया है। पिछली सरकारों के विपरीत हमने किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी है और उन्हें अधिक सहयोग प्रदान किया है।"

विपक्ष पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा, "2017 से पहले ये लोग विभिन्न जातियों और पिछड़े समुदायों के नाम पर वोट मांगते थे, हालांकि अन्य समुदायों को लगातार उपेक्षा और अपर्याप्त प्रतिनिधित्व का सामना करना पड़ता था। अगर आप विभिन्न सरकारी विभागों को देखें तो आपको पता चलेगा कि किस तरह कुछ विशेष वर्गों के लोगों को तरजीह दी जाती थी, जबकि अन्य समुदाय पीछे छूट जाते थे।"

उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास नकारात्मक राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। जब वे सत्ता में आए तो 7.5 लाख नौकरियों का वितरण हुआ, जिसका लाभ केवल करीब 75,000 परिवारों को मिला। इन्हीं वर्गों को बार-बार इन अवसरों का लाभ मिलता रहा, जबकि अन्य लोग पीछे छूट गए। इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है?

संजय निषाद ने कहा कि निषाद और कश्यप समुदायों का समाज में योगदान का लंबा इतिहास रहा है। हमारे पूर्वजों ने मुगलों और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और हमारे समुदाय ने भगवान राम को नदी पार कराने में भी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि इन योगदानों के बावजूद हमारे समुदाय संवैधानिक मान्यता और प्रतिनिधित्व के अपने उचित अधिकार की मांग करते रहे हैं। कुछ समुदायों के बच्चों को ओबीसी श्रेणी में शामिल किया गया है, जबकि अन्य अभी भी अपने अधिकारों की मान्यता की मांग कर रहे हैं।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   16 Oct 2026 11:54 PM IST

Tags

Next Story