गेहूं खरीद में तेजी लाने के निर्देश मंत्री सतीश शर्मा ने एजेंसियों को दिए सख्त आदेश
लखनऊ, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के खाद्य रसद मंत्री सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में क्रय केंद्रों को शीघ्र सक्रिय करने, किसानों को सुविधा देने और लक्ष्य के अनुरूप खरीद बढ़ाने के लिए एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए गए। खाद्य एवं रसद विभाग की बैठक में राज्य की सभी प्रमुख क्रय एजेंसियों के साथ गेहूं खरीद की स्थिति और उसे गति देने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपए अधिक है। प्रदेश में प्रस्तावित 6500 क्रय केंद्रों के सापेक्ष अब तक 5439 केंद्र स्वीकृत किए जा चुके हैं। वर्तमान में 51 जनपदों के 464 केंद्रों पर खरीद शुरू हो चुकी है, जहां 2085 किसानों से 13,388 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया है, जबकि प्रदेश में इस बार 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक की संभावना जताई गई है।
बैठक में बोरा उपलब्धता को लेकर भी जानकारी दी गई। गेहूं खरीद के लिए 76 हजार पीपी बोरे आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 10 हजार का ऑर्डर जारी हो चुका है, जबकि शेष के लिए पुनः निविदा प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा 20 हजार जूट बोरे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि क्रय केंद्रों पर बोरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत प्रदेश में 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जिसमें से 37.70 लाख मीट्रिक टन चावल (सीएमआर) केंद्रीय पूल में भेजा जा चुका है। हालांकि, भंडारण की सीमित क्षमता के चलते शेष आपूर्ति की गति प्रभावित हो रही है।
मंत्री सतीश शर्मा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि लक्ष्य के अनुरूप सभी क्रय केंद्रों को शीघ्र चालू किया जाए और हर जनपद में खरीद सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर बैनर के जरिए सभी आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित हों और किसानों के लिए बैठने, पेयजल, साफ-सफाई व अन्य बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो और शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही मीडिया के माध्यम से समर्थन मूल्य में वृद्धि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर अधिक से अधिक पंजीकरण कराने पर जोर दिया।
मंत्री ने भंडारण की अग्रिम योजना तैयार करने और लंबित सीएमआर की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां समन्वय बनाकर काम करें, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु और पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   7 April 2026 5:32 PM IST












