एशियन गेम्स 2026 में अपने प्रदर्शन को लेकर अंतिम पंघाल बोलीं-गोल्ड न जीत पाने का दुख पर सिल्वर जीतने का है गर्व

एशियन गेम्स 2026 में अपने प्रदर्शन को लेकर अंतिम पंघाल बोलीं-गोल्ड न जीत पाने का दुख पर सिल्वर जीतने का है गर्व
भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में गोल्ड मेडल नहीं जीत पाने से निराश हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सिल्वर जीतने पर भी उन्हें गर्व है।

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में गोल्ड मेडल नहीं जीत पाने से निराश हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सिल्वर जीतने पर भी उन्हें गर्व है।

अंतिम को गोल्ड मेडल के मुकाबले में जापान की मो कियोका से हार का सामना करना पड़ा, जो वर्ल्ड चैंपियनशिप 2024 में 55 किग्रा कैटेगरी की गोल्ड मेडलिस्ट थीं। अंतिम ने पिछले एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडल को आइची-नागोया गेम्स में सिल्वर मेडल में तब्दील किया। फाइनल में हार के बावजूद उन्हें इस बात पर गर्व है। उन्होंने कहा, "बेशक, मुझे थोड़ा दुख है कि मैं गोल्ड नहीं जीत पाई लेकिन एशियन गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने पर मुझे बहुत गर्व है। हर एथलीट का सपना देश के लिए मेडल जीतना होता है और इस मंच पर ऐसा कर पाना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।"

हरियाणा की इस एथलीट ने बड़े इवेंट्स की तैयारी के लिए कड़ी ट्रेनिंग की और उन त्यागों को याद किया जो उन्हें करने पड़े। अंतिम ने कहा, "बहुत सारे त्याग किए, मुश्किल दिन देखे और ऐसे पल भी आए जब चीजें मेरे मन-मुताबिक नहीं हुईं लेकिन मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और कड़ी मेहनत करती रही। मैं खास तौर पर भारतीय कुश्ती महासंघ, इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट और पार्थ जिंदल सर की शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया, मेरा मार्गदर्शन किया और मुझे बेहतर बनने में मदद की। मैं इस अनुभव को अपनाऊंगी, इससे सीखूंगी और और मजबूत होकर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत करती रहूंगी।"

एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली अंतिम अकेली भारतीय महिला पहलवान थीं जबकि बाकी पांच मेडल पुरुष पहलवानों ने जीते। 21 साल की अंतिम ने फाइनल तक पहुंचने के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कजाकिस्तान की शुगिला ओमीरबेक को 9-0 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की और फिर क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमल एस्बोसीनोवा को 8-0 से हराया।

इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की जिन झांग को 6-1 से हराया। शुरुआती प्वाइंट गंवाने के बाद अंतिम ने जबरदस्त वापसी की और लगातार छह प्वाइंट हासिल करके फाइनल में अपनी जगह पक्की की। फाइनल के लिए क्वालिफाई करते ही वह एक खास ग्रुप में शामिल हो गईं। वह गीतिका जाखड़ और विनेश फोगाट के बाद एशियन गेम्स के कुश्ती फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान बनीं।

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Created On :   4 Oct 2026 4:00 PM IST

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