हाई-एंड ड्रग इनोवेशन में अभी भी निर्भरता, नवाचार पर फोकस करना होगाः रक्षामंत्री
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत दुनिया का एक बड़ा मेडिसिन सप्लायर जरूर है लेकिन हाई-एंड ड्रग इनोवेशन और ओरिजिनल रिसर्च के क्षेत्र में, अभी भी दूसरो पर निर्भरता दिखाई देती है। यह बात सोमवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कही।
उन्होंने कहा, "इसलिए यह समय है, कि हम जेनरिक प्रोडक्शन से आगे बढ़कर, इनोवेशन पर केंद्रित फार्मास्युटिकल इकोसिस्टम की ओर अपना ध्यान केंद्रित करें।"
रक्षामंत्री सोमवार को आरआर हॉस्पिटल नई दिल्ली में आर्मी मेडिकल कॉर्प्स रेजिंग डे के अवसर पर बोल रहे थे। रक्षामंत्री ने कहा कि जब भी इस दौर में हम सुरक्षा की बात करते हैं, तो उसमें केवल सीमाओं की रक्षा शामिल नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अगर हम ऑपरेशन सिंदूर जैसे बड़े ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हैं, तो उसके पीछे स्वास्थ्य सुरक्षा की एक बड़ी भूमिका होती है।
रक्षामंत्री ने कहा कि हमें नई दवाओं की खोज, क्लीनिकल रिसर्च को मजबूत करने और ग्लोबल क्वालिटी स्टैंडर्ड को अपनाने पर भी ध्यान देना होगा। एमएसएमई और स्टार्टअप को फार्मा इनोवेशन में जोड़ना, बेहतर टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना और कुशल मैनपॉवर तैयार करना भी जरूरी है। इससे न केवल घरेलू जरूरतें पूरी होंगी बल्कि भारत वैश्विक स्तर पर इन क्षेत्रों में एक लीडर के रूप में भी उभरेगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब दुनिया तेजी से बदल रही है, तो डिफेंस और हेल्थकेयर, दोनों क्षेत्रों में भी हमें उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा, "आज हम सब देख रहें हैं कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है, ऐसे में हेल्थकेयर में एआई आधारित सिम्युलेटर ट्रेनिंग को अपनाना, समय की आवश्यकता बन चुका है। सेना के आर आर हॉस्पिटल ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है। यही विजन, आर आर हॉस्पिटल एक अस्पताल से कहीं अधिक, एक भरोसे का प्रतीक बनाता है।"
गौरतलब है कि सोमवार सेना के इस बेस हॉस्पिटल के नए, मॉडर्न और स्टेट ऑफ द आर्ट मेडिकल फेसिलिटी का भी निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। इसके लिए भी रक्षामंत्री ने सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बेस हॉस्पिटल की इस नई सुविधा से मरीजों का इलाज और बेहतर और सुविधाजनक हो सकेगा। सोमवार को ही यहां, एडवांस ऑर्थोपेडिक सेंटर, एडवांस्ड सेंटर फॉर ऑप्थैल्मिक एंड विजुअल साइंस और एडवांस्ड ऑन्कोलॉजी सेंटर के लिए, भूमि पूजन सम्पन्न हुआ। ये तीनों सेंटर्स अपने आप में आधुनिक तकनीक और एक्सपर्ट केयर का एक सशक्त मिश्रण होगें।
इन सेंटर्स में अलग-अलग विशेषज्ञ मिलकर, एक साथ इलाज कर सकेंगे, जिससे सैनिकों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा। राजनाथ ने यहां कहा कि हमें अपने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को, प्राचीन दर्शन से जोड़ना होगा, तभी जाकर हम एक अच्छा हेल्थ मॉडल लोगों के सामने रख पाएंगे। इसके लिए हमें रिसर्च पर खास ध्यान देने की आवश्यकता है।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
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Created On :   6 April 2026 1:59 PM IST










