हिमाचल में 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा

हिमाचल में 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने हिमाचल प्रदेश के लिए अगले पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, 18 से 22 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

शिमला, 18 जुलाई (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने हिमाचल प्रदेश के लिए अगले पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, 18 से 22 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में 18 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि कुल्लू जिले में मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान है। 19 जुलाई को मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। इस दिन कांगड़ा, शिमला और मंडी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, चंबा, कुल्लू, हमीरपुर और सिरमौर में भारी बारिश तथा ऊना, बिलासपुर और सोलन में मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।

20-21 जुलाई को स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, कुल्लू, शिमला, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना सहित कई अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे जनजातीय क्षेत्रों में भी मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। 22 जुलाई को भी कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, मडस्लाइड, अचानक बाढ़, जलभराव और जमीन धंसने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। नदियों, नालों और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ने की आशंका है। कमजोर भवनों और संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है, जबकि बागवानी और खड़ी फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण सड़क दुर्घटनाओं तथा ट्रैफिक जाम की संभावना भी बढ़ जाएगी।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। नदी, नालों और अन्य जल स्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और ट्रेकिंग और अन्य बाहरी गतिविधियों को फिलहाल टाल दें। वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने और प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का अनुसरण करने की सलाह दी गई है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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Created On :   18 July 2026 6:35 PM IST

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