दिल्ली में एसआईआर नोटिस वाले 33 लाख मामलों में से 20 लाख मामले सुलझाए गए सीईओ

दिल्ली में एसआईआर नोटिस वाले 33 लाख मामलों में से 20 लाख मामले सुलझाए गए  सीईओ
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोमवार को बताया कि दिल्ली में मतदाता सूची के चल रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के दौरान गड़बड़ियों को लेकर जिन 33 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे, उनमें से लगभग 20 लाख मतदाताओं से जुड़े मामलों का समाधान कर लिया गया है।

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोमवार को बताया कि दिल्ली में मतदाता सूची के चल रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के दौरान गड़बड़ियों को लेकर जिन 33 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे, उनमें से लगभग 20 लाख मतदाताओं से जुड़े मामलों का समाधान कर लिया गया है।

सीईओ ने एक बयान में कहा, "दिल्ली की वोटर लिस्ट में लगभग 33 लाख एंट्रीज में लॉजिकल गड़बड़ी या अनमैप्ड होने की समस्या थी। हमने इन समस्याओं को सुलझाने के लिए एक प्रोएक्टिव कैंपेन शुरू किया था। अब तक 33 लाख में से लगभग 20 लाख मामलों को सुलझा लिया गया है।"

बयान में आगे कहा गया, "यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो कृपया 14,947 बीएलओ, 902 एईआरओ, 70 ईआरओ, 13 डीईओ या मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करें। किसी भी पात्र मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।"

एसआईआर प्रक्रिया के तहत दिल्ली में लगभग 33 लाख वोटर्स को नोटिस भेजे गए थे। ये नोटिस उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी में पाई गई गड़बड़ियों के कारण भेजे गए थे। ये नोटिस इसलिए भेजे गए थे ताकि वोटर्स दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियों को स्पष्ट कर सकें और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकें। नोटिस पाने वाले वोटर्स की लिस्ट में कई जानी-मानी हस्तियां और अलग-अलग उम्र के वोटर्स शामिल हैं।

पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को एसाआईआर प्रक्रिया के दौरान दी गई जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजे गए थे।

97 लाख से अधिक मतदाताओं वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) जारी होने के बाद 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए, जिनकी दी गई जानकारी में गड़बड़ी पाई गई थी।

इनमें से अधिकतर नोटिस इसलिए भेजे गए क्योंकि मतदाताओं द्वारा दी गई जानकारी 2002 में हुए पिछले 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (विशेष गहन समीक्षा) के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। हालांकि, नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि वोटर का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है।

यह प्रक्रिया मतदाताओं को अपनी जानकारी स्पष्ट करने और संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को ज़रूरी सहायक दस्तावेज़ जमा करने का मौका देती है। नोटिस का जवाब देने और सहायक दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर थी। दिल्ली में अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जानी है।

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Created On :   12 Oct 2026 4:39 PM IST

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