सीपीआईएम के गढ़ कन्नूर में फंड घोटाला आया सामने, पार्टी के अंदर मची हलचल
कन्नूर, 31 जुलाई (आईएएनएस)। केरल सीपीआई(एम) में एक और वित्तीय घोटाला सामने आया है। इस बार यह घोटाला पार्टी के वैचारिक और संगठनात्मक केंद्र कन्नूर से सामने आया है।
दिवंगत पूर्व राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन के नाम पर एक स्मारक भवन के लिए इकट्ठा किए गए लगभग 1 करोड़ रुपए का कोई हिसाब-किताब न होने के आरोपों ने पार्टी के भीतर नई हलचल पैदा कर दी है। इससे सीपीआईएम के उस गढ़ में गहरी दरारें उजागर हुई हैं, जिसे लंबे समय से पार्टी का सबसे अभेद्य किला माना जाता रहा है।
यह विवाद पय्यानूर में पार्टी फंड इकट्ठा करने को लेकर लगे उन अनसुलझे आरोपों के ठीक बाद सामने आया है, जिनसे संकेत मिलता है कि वित्तीय अनियमितताएं अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि कन्नूर यूनिट के सामने एक बार-बार आने वाली चुनौती बन गई हैं।
बता दें कि सीपीआईएम में कन्नूर का एक खास स्थान है। यह केरल में पार्टी के कई सबसे प्रभावशाली नेताओं का गृह जिला है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, राज्य सचिव एमवी गोविंदन, वरिष्ठ नेता पी. जयराजन, ईपी जयराजन और एमवी जयराजन के अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा शामिल हैं।
एक ऐसे जिले में बार-बार वित्तीय विवाद सामने आना, जो पारंपरिक रूप से पार्टी के संगठनात्मक मॉडल के तौर पर खुद को पेश करता रहा है, पार्टी नेतृत्व के लिए काफी शर्मिंदगी का कारण बन गया है।
ताजा आरोप कोदियेरी बालकृष्णन के नाम पर बनने वाले स्थानीय समिति कार्यालय के लिए जमीन और इमारत की खरीद से जुड़े हैं।
लगभग 70 लाख रुपए में खरीदी गई यह संपत्ति, कथित तौर पर पार्टी के बजाय उस समय के स्थानीय सचिव के नाम पर रजिस्टर कराई गई थी, जो संगठनात्मक नियमों का उल्लंघन है।
आरोप है कि बाद में 30 लाख रुपए जुटाने के लिए इस संपत्ति को गिरवी रखा गया, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं और सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों से 20 लाख रुपए और उधार लिए गए।
खबरों के मुताबिक, सार्वजनिक प्रदर्शनियां और कूपन की बिक्री के जरिए फंड जुटाने का अभियान चलाया गया। इस अभियान से काफी पैसा इकट्ठा हुआ, लेकिन पार्टी समितियों के सामने इसका कोई विस्तृत हिसाब-किताब पेश नहीं किया गया। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव के बाद पार्टी ने स्थानीय सचिव को हटा दिया और आंतरिक जांच के आदेश दिए।
खबरों के अनुसार, पूर्व पदाधिकारी का कहना है कि हर बड़ा फैसला नेतृत्व की जानकारी में लिया गया था। इस दावे ने स्थानीय स्तर से आगे भी जवाबदेही की मांग को तेज कर दिया है।
कन्नूर से फंड से जुड़े विवादों के लगातार सामने आने के कारण सीपीआईएम का लंबे समय से राजनीतिक शोकेस रहा यह जिला अब पारदर्शिता, आंतरिक निगरानी और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर मुश्किल सवालों का सामना कर रहा है।
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Created On :   31 July 2026 1:20 PM IST












