डीएससी भर्ती विवाद से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया ग्रुप-1 मुद्दा वाईएसआरसीपी
अमरावती, 14 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार जिला चयन समिति (डीएससी) भर्ती में अनियमितताओं से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि सरकार वर्ष 2020 में आयोजित एपीपीएससी ग्रुप-1 परीक्षा में गड़बड़ियों पर विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का हवाला देकर मौजूदा भर्ती विवाद से ध्यान हटाना चाहती है।
वाईएसआरसीपी नेताओं ने दावा किया कि डीएससी भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों और अभ्यर्थियों की चिंताओं का जवाब देने के बजाय सरकार पुराने मामलों को सामने लाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने मांग की कि डीएससी भर्ती से जुड़े आरोपों की पारदर्शी जांच कराई जाए और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जाए।
वाईएसआरसीपी के प्रवक्ता कोंडा राजीव ने शुक्रवार को इसे मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का "राजनीतिक ड्रामा" बताया, जिसका मकसद डीएससी के जरिए शिक्षकों की भर्ती में हुई अनियमितताओं में अपने बेटे और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को बचाना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र से पहले सरकार ने जल्दबाजी में एपीपीएससी ग्रुप-I मामले की समीक्षा शुरू कर दी। उन्होंने कहा, "उन्होंने विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट हासिल की और 'यलो मीडिया' के जरिए राजनीतिक अभियान और गुमराह करने वाला प्रचार शुरू कर दिया।"
वाईएसआरसीपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार 163 ग्रुप-I अधिकारियों के करियर को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है, जबकि एसआईटी को उम्मीदवारों की योग्यता, परीक्षा के संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं, मेरिट और अंतिम सूची में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि उत्तर पुस्तिकाएं हाई कोर्ट की कस्टडी में थीं और उम्मीदवारों का चयन हाई कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया था।
प्रवक्ता ने कहा कि 326 उम्मीदवार इंटरव्यू में शामिल हुए थे और उनमें से कई आईआईटी और आईआईएम से थे। कुछ उम्मीदवार सिविल सेवा इंटरव्यू में भी शामिल हो चुके थे।
इससे पहले वाईएसआरसीपी के एक अन्य प्रवक्ता यनमाला नागार्जुन यादव और पार्टी के युवा सशक्तीकरण सेल के संयोजक सलाम बाबू ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, ग्रुप-I भर्ती पर एसआईटी रिपोर्ट का इस्तेमाल मेगा डीएससी में हुई अनियमितताओं से ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं।
यह बताते हुए कि बेरोजगार युवा डीएससी पेपर लीक और स्पोर्ट्स कोटा में अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, उन्होंने कहा कि अब ग्रुप-I का मुद्दा जनता का ध्यान भटकाने और आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सवालों से बचने के लिए उठाया जा रहा है।
आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) ग्रुप-I परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल और मैनुअल मूल्यांकन में हुई गड़बड़ियों की जांच करने वाली एसआईटी को कई खामियां मिलीं, जिनमें एपीपीएससी के अपने नियमों का उल्लंघन भी शामिल है। नोटिफिकेशन 31 दिसंबर, 2018 को जारी किया गया था और शुरुआती परीक्षा 26 मई, 2019 को और मुख्य (लिखित) परीक्षा दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी। डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाने के बाद मुख्य परीक्षा के नतीजे 28 अप्रैल 2021 को घोषित किए गए थे।
डीजीपी (सीआईडी) रवि शंकर अय्यनार की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एपीपीएससी ने शुरू में डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई थी और 28 अप्रैल, 2021 को मुख्य परीक्षा के नतीजे घोषित किए थे, जिसमें इंटरव्यू के लिए 326 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। एसआईटी का गठन 14 फरवरी, 2026 के सरकारी आदेश (जीओ) के तहत किया गया था।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   14 Aug 2026 4:06 PM IST












