एशियन गेम्स ‘22 साल की मेहनत पूरी हुई’, भारत के ऐतिहासिक कांस्य पदक पर भावुक हुए जय मीणा के कोच
नागोया, 23 सितंबर (आईएएनएस) भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा के कोच सुदेश सांगटे ने एशियन गेम्स में भारत का पहला सिंगल्स पदक जीतने के बाद इसे अपनी 22 साल की मेहनत का फल बताया। जय मीणा ने बुधवार को पुरुष एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारतीय सॉफ्ट टेनिस इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
जय मीणा सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार गए, लेकिन अंतिम चार में पहुंचने के साथ ही उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उन्होंने फिलीपींस के शेरविन नुगुइट के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए निर्णायक गेम में 3-5 से पिछड़ने के बाद लगातार चार अंक जीतकर 4-3 से मुकाबला अपने नाम किया।
आईएएनएस से बातचीत में कोच सुदेश सांगटे ने कहा, "हमने 22 साल तक कड़ी मेहनत की है। जब जय 10 साल का था, तभी से मैं उसके साथ सॉफ्ट टेनिस खेल रहा हूं। उसने सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स और विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते हैं। उसने भारत को यह ऐतिहासिक तोहफा दिया है। मैं बेहद खुश और भावुक हूं।"
उन्होंने कहा, "मैदान पर मेरी आंखों से आंसू निकल आए। मेरी 22 साल की मेहनत आज पूरी हो गई। उम्मीद है कि भारत में और भी बच्चे सॉफ्ट टेनिस खेलेंगे और हम भविष्य में कई पदक जीतेंगे।"
सांगटे ने एशियन गेम्स से पहले जापान में लगाए गए 20 दिन के प्रशिक्षण शिविर के लिए भारत सरकार का भी आभार जताया। उन्होंने कहा, "सबसे पहले मैं भारत सरकार को बधाई देना चाहता हूं। पिछले 20 दिनों से यहां प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। उनकी मेहनत का हमें बहुत फायदा मिला। यह पहली बार है जब भारतीय सॉफ्ट टेनिस टीम ने सिंगल्स में एशियन गेम्स पदक जीता है। हमने इतिहास रच दिया है।"
कोच ने बताया कि टीम की इच्छा थी कि यह पदक 18 सितंबर को जीतकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें समर्पित किया जाए। उन्होंने कहा, "हम चाहते थे कि यह पदक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जीतकर उन्हें समर्पित करें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आज जो पदक मिला है, उसे भी हम उनके जन्मदिन के जश्न के रूप में मनाना चाहते हैं।"
भारत के अभियान की शुरुआत निराशाजनक रही थी। 18 सितंबर को पुरुष टीम क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया से हार गई थी। इसके बाद जय मीणा और आध्या तिवारी मिक्स्ड डबल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए थे। हालांकि जय ने पुरुष एकल में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक कांस्य पदक जीत लिया।
सांगटे ने जापान में भोजन से जुड़ी दिक्कतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "खाने की समस्या थी। हम भारत से कुछ खाद्य सामग्री लेकर आए थे और खुद खाना बनाया। खिलाड़ियों ने यहां काफी संघर्ष किया, लेकिन उन्होंने सभी चुनौतियों का सामना किया।"
जय मीणा की उपलब्धियों में अब एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। उन्होंने 2022 राष्ट्रीय खेलों में पुरुष एकल स्वर्ण पदक जीता था, 2025 में राष्ट्रीय चैंपियन बने और 2024 विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आध्या तिवारी के साथ मिक्स्ड डबल्स में भारत का पहला विश्व पदक भी जीता था। इसके अलावा 2025 एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।
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Created On :   23 Sept 2026 10:01 PM IST












