असम में 9वीं-12वीं क्लास के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम शुरू होगा

असम में 9वीं-12वीं क्लास के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम शुरू होगा
असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य सरकार टेक्नोलॉजी के जरिए क्लासरूम में पढ़ाई को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत 9वीं से 12वीं क्लास के छात्रों के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम शुरू करेगी।

गुवाहाटी, 4 सितंबर (आईएएनएस)। असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य सरकार टेक्नोलॉजी के जरिए क्लासरूम में पढ़ाई को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत 9वीं से 12वीं क्लास के छात्रों के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम शुरू करेगी।

इस पहल का मकसद बड़ी क्लास के छात्रों को व्यवस्थित, टेक्नोलॉजी-आधारित टीचिंग रिसोर्स उपलब्ध कराना और साथ ही शिक्षकों को पढ़ाने के डिजिटल तरीकों को अपनाने में मदद करना है।

मंत्री पेगू के अनुसार, शिक्षक रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम से परिचित होने और यह सीखने के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग लेंगे कि कैसे डिजिटल लर्निंग टूल्स को अपनी रेगुलर क्लासरूम प्रैक्टिस में प्रभावी ढंग से शामिल किया जाए।

ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑनलाइन मोड में चलाया जाएगा, जिससे शिक्षक सिस्टम के कामकाज और इस बात को समझ सकेंगे कि रिकॉर्डेड लेसन को टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस में कैसे शामिल किया जा सकता है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद सीखने की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाना और छात्रों व शिक्षकों दोनों को अतिरिक्त एकेडमिक सपोर्ट प्रदान करना है।

रिकॉर्ड किए गए टीचिंग सिस्टम से पारंपरिक क्लासरूम की पढ़ाई में मदद मिलने की उम्मीद है, खासकर 9वीं से 12वीं कक्षा के उन छात्रों के लिए जो अपनी स्कूली शिक्षा के एक अहम पड़ाव पर हैं।

रिकॉर्ड किए गए लेसन और डिजिटल रिसोर्स के जरिए छात्रों को व्यवस्थित लर्निंग मटीरियल आसानी से मिल सकेगा, वहीं शिक्षकों को क्लासरूम में पढ़ाए गए कॉन्सेप्ट को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त टूल मिलेंगे।

राज्य सरकार शिक्षकों की डिजिटल क्षमताएं बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है ताकि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सिर्फ क्लासरूम के एक अतिरिक्त रिसोर्स के तौर पर न होकर प्रभावी ढंग से किया जा सके।

मंत्री पेगु की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब शिक्षण संस्थान और सरकारें स्कूलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी-आधारित शिक्षण विधियों के इस्तेमाल को बढ़ाने की कोशिशें कर रही हैं।

शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग से यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है कि रिकॉर्ड किए गए टीचिंग सिस्टम को लागू करने से पहले शिक्षक पूरी तरह तैयार हों।

इस पहल से छात्रों को रेगुलर क्लास के समय के अलावा, अपने पाठों को दोहराने और विषयों की समझ को बेहतर बनाने का एक और जरिया मिलने की उम्मीद है।

असम सरकार को उम्मीद है कि क्लासरूम में होने वाली पढ़ाई के साथ-साथ रिकॉर्ड किए गए पाठों और प्रशिक्षित शिक्षकों की मदद से, हायर सेकेंडरी क्लास के छात्रों के लिए सीखने का माहौल ज्यादा एक जैसा और व्यवस्थित बनेगा।

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Created On :   4 Sept 2026 9:11 PM IST

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