बिम्सटेक देशों ने मजबूत की सुरक्षा साझेदारी, समुद्री और साइबर चुनौतियों पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। नई दिल्ली में गुरुवार को बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की पांचवीं बैठक आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने की।
'बिम्सटेक' देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों ने गुरुवार को आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए व्यावहारिक और प्रभावी उपायों पर चर्चा की। उन्होंने साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने, आपसी कनेक्टिविटी बढ़ाने, आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने और नए उभरते खतरों से निपटने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक में 'बिम्सटेक' के सभी अन्य सदस्य देश बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों या प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि बैठक के दौरान 'बिम्सटेक' के महासचिव ने सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सदस्य देशों को अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति के बारे में भी बताया।
'बिम्सटेक' दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला संगठन है। ये दोनों क्षेत्र हिंद महासागर के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में 'बिम्सटेक' ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, परिवहन और व्यापार संपर्क, तकनीकी मुद्दों और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में सहयोग बढ़ाया है।
एमईए की ओर से जारी बयान में कहा गया, "राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने आतंकवाद और संगठित अपराध से मुकाबले, साइबर, समुद्री और ऊर्जा क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संपर्क व्यवस्था बढ़ाने, बेहतर आपदा प्रबंधन और नए खतरों से निपटने के लिए व्यावहारिक और प्रभावी उपायों पर चर्चा की। उन्होंने मानवीय सहायता और आपदा राहत के समुद्री संचालन के लिए दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी।"
इन दिशा-निर्देशों से 'बिम्सटेक' देशों को क्षेत्र में राहत कार्य तेजी से चलाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, समुद्र में एक-दूसरे के संपर्क में आने के दौरान समुद्री कानून लागू करने वाली एजेंसियों के व्यवहार के लिए कुछ जरूरी सिद्धांतों को भी मंजूरी दी गई। इन सिद्धांतों से समुद्री गतिविधियों के दौरान सुरक्षा बढ़ाने और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एमईए के बयान के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, आपदा और अन्य चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने और अलग-अलग सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए संस्थागत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपसी सहयोग और जानकारी साझा करने को और बढ़ाने का संकल्प लिया।
बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन 'बिम्सटेक' एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 6 जून 1997 को बैंकॉक घोषणा पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी। शुरुआत में इसे बीआईएसटी-ईसी (बांग्लादेश-भारत-श्रीलंका-थाईलैंड आर्थिक सहयोग) के नाम से जाना जाता था। बाद में यह 'बिम्सटेक' कहलाया। इसमें सात सदस्य देश शामिल हैं। दिसंबर 1997 में म्यांमार और फरवरी 2004 में भूटान और नेपाल के शामिल होने के बाद इसका विस्तार हुआ।
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Created On :   16 July 2026 9:04 PM IST











