जम्मू-कश्मीर कुपवाड़ा में बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट मृत पाए गए, जांच शुरू
श्रीनगर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक असिस्टेंट कमांडेंट बेसुध अवस्था में पाए गए। उन्हें अस्पलात ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, बीएसएफ अधिकारी कुपवाड़ा के डोबन इलाके में बेसुध अवस्था में पाए गए थे। मौत की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। इस बीच, घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
बीएसएफ देश की सीमाओं की सुरक्षा, सीमा पार से घुसपैठ रोकने और क्षेत्रीय सुरक्षा ग्रिड को सपोर्ट करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत मल्टी-लेयर्ड तैनाती रणनीति अपनाती है।
यह मुख्य रूप से पाकिस्तान के साथ अहम इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के कुछ हिस्सों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। यह जम्मू सेक्टर में आईबी के 485 किलोमीटर लंबे हिस्से की सुरक्षा करती है, जिसमें घने जंगल, नदियां और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके शामिल हैं। इस फ्रंट लाइन पर लगभग एक दर्जन बटालियनें स्थायी रूप से तैनात हैं।
घने कोहरे और खराब मौसम के कारण कम विजिबिलिटी (साफ न दिखाई देने) की स्थिति में, घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए बीएसएफ सर्दियों में बॉर्डर मैनेजमेंट की एक सघन रणनीति अपनाती है। इसमें थर्मल इमेजिंग, हाई-डेफिनिशन कैमरे और रात में सक्रिय गश्त का इस्तेमाल किया जाता है।
बीएसएफ ने हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले पाकिस्तानी ड्रोनों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर व्यवस्थित रूप से ड्रोन स्क्वाड्रन और विशेष ट्रैकिंग उपकरण तैनात किए हैं।
सुरक्षा चुनौतियों में बदलाव और सीमा पार से सामरिक खतरों में बढ़ोतरी के कारण, गृह मंत्रालय ने स्थानीय स्तर पर तैनाती को मजबूत किया है।
सितंबर 2026 के आखिर में, बीएसएफ ने खास तौर पर जम्मू इलाके में दो नई बटालियनों (2,000 से ज्यादा जवान) को तैनात किया। इन जवानों को ओडिशा में माओवाद-विरोधी अभियानों से हटाकर बॉर्डर पर तैनाती की मुख्य लाइन के ठीक पीछे वाले "डेप्थ एरिया" (अंदरूनी इलाकों) में तैनात किया गया।
ये जवान एक अहम दूसरी रुकावट के तौर पर काम करते हैं, जो सांबा जैसे इलाकों में बॉर्डर पार करने की कोशिश करने वाले आतंकवादियों को रोकते हैं। जबकि सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) बड़े शहरों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज्यादातर जिम्मेदारियां संभालती है, बीएसएफ राज्य की व्यापक सुरक्षा में एक सक्रिय भूमिका निभाती है।
बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर कमांड के तहत, घुसपैठ-रोधी ग्रिड बनाए रखने के लिए कुपवाड़ा और बडगाम जैसी संवेदनशील अग्रिम जगहों पर यूनिट्स तैनात की गई हैं।
बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर सीमा से सटे रिहायशी इलाकों में स्थानीय स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) और इलाके पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अभ्यास करती रहती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरतों के हिसाब से ऑपरेशनल तैनाती में बदलाव किया जाता है। उदाहरण के लिए, कुछ कंपनियों को कभी-कभी दूसरी जगहों पर बड़ी सुरक्षा तैनाती के लिए भेजा या बदला जाता है, जबकि साथ ही वे जम्मू-कश्मीर की सीमाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देती रहती हैं।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   9 Oct 2026 7:01 PM IST












