ईडी अधिकारियों पर हमला मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज की

ईडी अधिकारियों पर हमला मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन विभाग (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के मामले में मुख्य आरोपी और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली से निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज कर दी।

कोलकाता, 19 मार्च (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन विभाग (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के मामले में मुख्य आरोपी और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली से निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज कर दी।

दरअसल, जनवरी 2024 में राज्य में करोड़ों के पीडीएस वितरण मामले के सिलसिले में शाहजहां के आवास पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाने गए ईडी अधिकारियों और उनके साथ मौजूद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों पर शाहजहां के समर्थकों ने हमला किया और उन्हें बुरी तरह पीटा था।

बाद में संदेशखाली में अवैध रूप से भूमि हड़पने, खारे पानी को बहाकर कृषि भूमि को मत्स्यपालन फार्म में बदलने और संदेशखाली की महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न से संबंधित अन्य आरोप भी शाहजहां पर लगाए गए थे। शाहजहां को पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया, जो मामले की जांच कर रही थी।

न्यायमूर्ति सुव्रा घोष की अध्यक्षता वाली कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ के समक्ष शाहजहां की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट के समक्ष सीबीआई के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि यदि शाहजहां को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह निश्चित रूप से अपने खिलाफ दर्ज मामले में गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास करेगा।

सीबीआई के वकील ने यह भी दलील दी कि जेल में रहते हुए भी उसने अपने उन अंडरवर्ल्ड साथियों के जरिए मुख्य गवाहों के बेटे को धमकाने और यहां तक ​​कि उसकी हत्या करने की कोशिश की थी, जो अभी तक जेल नहीं गए हैं।

न्यायमूर्ति घोष ने इस दलील को स्वीकार करते हुए शाहजहां की जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, एकल-न्यायाधीश पीठ ने टिप्पणी की कि जांच की प्रगति और सामने आए नए तथ्यों के आधार पर शाहजहां को भविष्य में फिर से जमानत याचिका दायर करने का अधिकार होगा।

ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में शुरुआत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व ने उसका बचाव करने की कोशिश की। हालांकि, 2024 के अधिकांश समय में संदेशखाली की महिलाओं द्वारा किए गए लंबे आंदोलन के बाद अंततः सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व ने शाहजहां को पार्टी से निलंबित कर दिया। तब से शाहजहां ने कई बार विभिन्न अदालतों में जमानत याचिकाएं दायर की हैं, लेकिन जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

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Created On :   19 March 2026 5:24 PM IST

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