सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के सोना व्यापारी की हत्या के आरोपी को 19 साल बाद किया गिरफ्तार, गोरखपुर में छिपा था

सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के सोना व्यापारी की हत्या के आरोपी को 19 साल बाद किया गिरफ्तार, गोरखपुर में छिपा था
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने मंगलवार को 2007 में बैरकपुर के सोने के व्यापारी सुकांत घोष मर्डर केस के आरोपियों में से एक घोषित अपराधी शिबू कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने मंगलवार को 2007 में बैरकपुर के सोने के व्यापारी सुकांत घोष मर्डर केस के आरोपियों में से एक घोषित अपराधी शिबू कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि आरोपी को गोरखपुर के साउथ गांधी आश्रम में रायगंज रोड पर उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया गया, जहां वह अखिलेश कुमार शाही नाम से रह रहा था।

यह केस 27 अगस्त, 2009 को कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया था। सीबीआई ने 31 दिसंबर 2010 और 14 नवंबर 2011 को शिबू कुमार सिंह और तीन अन्य के खिलाफ क्रमशः चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।

कई वर्षों से फरार शिबू कुमार सिंह को 15 सितंबर, 2016 को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। सीबीआई ने कहा कि आरोपी को ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इनपुट का इस्तेमाल करके पकड़ा गया।

सीबीआई ने कहा कि ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद आरोपी को बुधवार को सक्षम कोर्ट में पेश करने के लिए कोलकाता ले जाया जाएगा। बैरकपुर के सोने के व्यापारी सुकांत घोष की 6 जुलाई, 2007 को हत्या कर दी गई थी। उस पर चाकू से 18 वार हमला किया गया था।

शुरुआती जांच के बाद पता चला कि इसमें कुछ गुंडों का हाथ होने का शक था, जो कथित तौर पर एक लेफ्ट विधायक और उनके भाइयों के संरक्षण में काम कर रहे थे।

जांच करने वालों ने पाया कि व्यापारी की हत्या इसलिए की गई, क्योंकि उसने विधायक से जुड़े लोकल माफिया को सुरक्षा या जबरन वसूली के पैसे देने से मना कर दिया था। जांच के दौरान हाईकोर्ट ने सीबीआई को हत्या की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने का भी निर्देश दिया था।

जस्टिस समाप्ति चटर्जी ने सीबीआई को उस मामले की फिर से जांच करने के लिए एसआईटी बनाने का निर्देश दिया था, जिसकी जांच शुरू में राज्य पुलिस ने की थी।

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि एसआईटी को जॉइंट डायरेक्टर रैंक का एक सीबीआई अधिकारी लीड करेगा, जो कोर्ट की निगरानी में जांच को आसान बनाने के लिए अपडेट देने के लिए जिम्मेदार होगा।

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Created On :   14 July 2026 7:47 PM IST

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