मंत्रिमंडल की मंजूरी: पालघर में बनेगी पेरिस की तर्ज पर कृषि मंडी, दापचरी में परियोजना स्थापित करने सरकार ने दी जमीन

पालघर में बनेगी पेरिस की तर्ज पर कृषि मंडी, दापचरी में परियोजना स्थापित करने सरकार ने दी जमीन
  • राज्य मंत्रिमंडल ने पेरिस के तर्ज पर बाजार समिति बनाने दी मंजूरी
  • दापचरी में परियोजना स्थापित करने सरकार ने दी जमीन
  • विश्व बाजार से जुड़ेगी कृषि मंडी

Mumbai News. पालघर के डहाणु तहसील के दापचरी में अंतरराष्ट्रीय दर्जे की कृषि उपज बाजार समिति (कृषि मंडी) स्थापित किया जाएगा। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने दापचरी में 558.43 हेक्टेयर (1,395 एकड़) क्षेत्र में कृषि मंडी बनाने को मंजूरी दी है। यह जमीन राज्य सरकार के पशुसंवर्धन विभाग की दापचरी दुग्ध परियोजना की है। कृषि मंडी वाढवण बंदरगाह से 40 किमी दूरी पर होगी। वाढवण बंदरगाह के प्रस्तावित एक्शन प्रारूप के चरण दो में दापचारी चरण 1 टर्मिनल मार्केट, कोल्ड चेन लाइव और निर्यात पैक हाउस का समावेश है। यह कृषि मंडी फ्रांस के पेरिस में स्थित रुंगीस मार्केट, नीदरलैंड्स के रॉयल फ्लोराहॉलैंड व रॉटरडैम बंदरगाह परिसर के आधुनिक कृषि लॉजिस्टिक व्यवस्था के तर्ज पर विकसित की जाएगी। मंत्रालय में प्रदेश के विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने बताया कि कृषि मंडी से दस हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा। राज्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार, राष्ट्रीय महत्वपूर्ण बाजार और कृषि उपज बाजार समिति ऐसी त्रिस्तरीय विपणन व्यवस्था विकसित करने की योजना है।

विश्व बाजार से जुड़ेगी कृषि मंडी

पालघर के कृषि मंडी से वाढवण बंदरगाह, बुलेट ट्रेन परियोजना, नई मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा,जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, समृद्धि महामार्ग, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडॉर और वडोदरा एक्सप्रेस वे पास है। इससे लॉजिस्टिक खर्च में बचत होगी। यह कृषि मंडी विश्व के बाजार से जुड़ सकेगी।

छह सुविधाएं होंगी उपलब्ध

कृषि मंडी में थोक व्यापार, आयात-निर्यात सुविधा, शीतगृह श्रृंखला व्यवस्था, ग्रेडिंग व पैकेजिंग, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक व्यवस्था, एग्रीटेक व एक्सचेंज सुविधा एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा वेयर हाउस, गुणवत्ता परीक्षण सुविधा, कंटेनर टर्मिनल, रेलवे साइडिंग, ई-नीलामी व्यवस्था और निर्यात सुलभता केंद्र भी बनाया जाएगा।

बढ़ेगी निर्यात क्षमता

महाराष्ट्र अंगूर, अनार, कपास समेत अन्य अनाज के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। जबकि फल और सब्जी के उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। देश में कुल कृषि निर्यात में से 15 प्रतिशत निर्यात महाराष्ट्र से होता है। भारत में 43 प्रतिशत फल निर्यात ही राज्य से की जाती है। दापचरी कृषि मंडी से निर्यात क्षमता और बढ़ेगी।

फसलों का नुकसान होगा कम

इस कृषि मंडी से फसलों की कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 15 से 20 प्रतिशत कमी आ जाएगी। कृषि उपज के परिवहन और उसके रखरखाव खर्च में भी 15 से 20 प्रतिशत बचत का अनुमान है।

Created On :   14 July 2026 8:34 PM IST

Tags

Next Story