सरकार ने 1600 और 140 सीरीज वाले फोन नंबरों को लेकर फैली भ्रामक खबरों पर जारी किया स्पष्टीकरण

सरकार ने 1600 और 140 सीरीज वाले फोन नंबरों को लेकर फैली भ्रामक खबरों पर जारी किया स्पष्टीकरण
1600 और 140 सीरीज के फोन नंबरों को लेकर सामने आ रही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने कहा कि इन रिपोर्ट्स से लोगों में गलतफहमी फैल सकती है और इन नंबरों के इस्तेमाल को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।

नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। 1600 और 140 सीरीज के फोन नंबरों को लेकर सामने आ रही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने कहा कि इन रिपोर्ट्स से लोगों में गलतफहमी फैल सकती है और इन नंबरों के इस्तेमाल को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने बयान जारी कर बताया कि 1600 सीरीज के नंबरों का इस्तेमाल केवल बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र की विनियमित संस्थाओं द्वारा सेवा और लेन-देन (सर्विस एंड ट्रांजैक्शन) से जुड़ी कॉल करने के लिए किया जाता है।

टीआरएआई के अनुसार, इन नंबरों का उपयोग भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) तथा पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के अधीन आने वाली संस्थाएं अपने मौजूदा ग्राहकों से संपर्क करने के लिए करती हैं। इसके अलावा, सरकारी संस्थाएं भी नागरिकों तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाने के लिए इसी सीरीज के नंबरों का इस्तेमाल करती हैं।

टीआरएआई ने कहा, "1600 सीरीज के नंबर जारी करने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों और नागरिकों को मिलने वाली ऐसी महत्वपूर्ण कॉल विश्वसनीय हों। टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन (टीसीसीसीपीआर) के तहत 1600 सीरीज से आने वाली कॉल को टैग करना, ब्लॉक करना या फिल्टर करना अनुमति नहीं है।"

वहीं, 140 सीरीज के नंबरों का इस्तेमाल सभी क्षेत्रों की कंपनियों और संस्थाओं द्वारा प्रमोशनल कॉल करने के लिए अनिवार्य किया गया है।

टीआरएआई ने बताया कि जो भी संस्था 140 सीरीज के नंबर से प्रमोशनल कॉल करना चाहती है, उसे टीसीसीसीपीआर के तहत संबंधित टेलीकॉम सेवा प्रदाता के साथ पंजीकरण कराना होगा और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा।

दूरसंचार नियामक ने यह भी कहा कि ग्राहकों के पास यह अधिकार है कि वे डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) रजिस्ट्री के माध्यम से तय कर सकें कि वे 140 सीरीज से आने वाली प्रमोशनल कॉल प्राप्त करना चाहते हैं या नहीं। ग्राहक चाहें तो किसी एक, कई या सभी क्षेत्रों से आने वाली प्रमोशनल कॉल को ब्लॉक कर सकते हैं।

टीआरएआई के अनुसार, यदि किसी ग्राहक ने डीएनडी रजिस्ट्री में किसी विशेष क्षेत्र या सभी क्षेत्रों की प्रमोशनल कॉल ब्लॉक कर रखी हैं, तो उसे 140 सीरीज से उन क्षेत्रों की कोई कॉल नहीं मिलेगी।

ग्राहक अपनी डीएनडी प्राथमिकता कई माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए टीआरएआई डीएनडी ऐप का भी उपयोग किया जा सकता है।

टीआरएआई ने स्पष्ट किया कि 140 सीरीज से आने वाली कॉल को भी टैग या फिल्टर करने की अनुमति नहीं है। केवल डीएनडी रजिस्ट्री के अनुसार इन्हें ब्लॉक किया जा सकता है। नियामक के अनुसार, कॉल को टैग करने से उन ग्राहकों में भ्रम पैदा हो सकता है, जिन्होंने किसी विशेष क्षेत्र से प्रमोशनल कॉल प्राप्त करने की अनुमति दे रखी है।

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Created On :   10 July 2026 5:57 PM IST

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