आयोजन: हज़रत ताजुद्दीन बाबा के उर्स में गूंजी इंसानियत, अमन और हुसैनी किरदार की पुकार

हज़रत ताजुद्दीन बाबा के उर्स में गूंजी इंसानियत, अमन और हुसैनी किरदार की पुकार
  • हज़रत ताजुद्दीन बाबा के 104वें सालाना उर्स के अवसर पर आयोजित उर्स शरीफ
  • दरगाह कलमशरीफ के सज्जादानशीन हज़रत डॉ. शाह जाकीर हामीद साहेब मदजिल्लहुआली मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित

Nagpur News. हज़रत ताजुद्दीन बाबा के 104वें सालाना उर्स के अवसर पर आयोजित उर्स शरीफ में दरगाह खुद्दाम ट्रस्ट की ओर से विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दरगाह कलमशरीफ के सज्जादानशीन हज़रत डॉ. शाह जाकीर हामीद साहेब मदजिल्लहुआली को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।

अपने संबोधन में हज़रत डॉ. शाह जाकीर हामीद साहेब ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि इंसाफ और सच्चाई की राह में कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "शहीद-ए-कर्बला हज़रत इमाम हुसैन ने बातिल के सामने सिर झुकाने के बजाय अपना सिर कुर्बान करना मंजूर किया। यही हुसैनी किरदार इंसान को जुल्म और अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने की ताकत देता है।"

उन्होंने कहा कि हज़रत ताजुद्दीन बाबा का संपूर्ण जीवन मोहब्बत, इंसानियत, करुणा और खुदा की इबादत का जीवंत संदेश था। बाबा ने हमेशा लोगों के दिलों को जोड़ने का कार्य किया और हर धर्म, हर वर्ग तथा हर समुदाय के लोगों को प्रेम, सेवा और भाईचारे का रास्ता दिखाया।

उन्होंने आगे कहा कि आज समाज को सबसे अधिक आवश्यकता आपसी मोहब्बत, सद्भाव और इंसानियत की है। यदि लोग हज़रत इमाम हुसैन के आदर्शों और हज़रत ताजुद्दीन बाबा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं, तो समाज में अमन, इंसाफ और भाईचारे की नई रोशनी फैल सकती है।

इस संबंध में अमजद खान ने कहा कि कार्यक्रम में दरगाह खुद्दाम ट्रस्ट के चेयरमैन मोबीन ताजी, खुल्फा शाह सलीम चिश्ती सहित बड़ी संख्या में पीर भाई और अकीदतमंद उपस्थित रहे।


Created On :   10 July 2026 6:10 PM IST

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