सफल रेस्क्यू: घायल बाघ टी-108 को बचाने के लिए चला तेज बचाव अभियान, उपचार के लिए डब्ल्यूआरटीसी में किया गया शिफ्ट

घायल बाघ टी-108 को बचाने के लिए चला तेज बचाव अभियान, उपचार के लिए डब्ल्यूआरटीसी में किया गया शिफ्ट
  • घायल बाघ टी-108 का सफलतापूर्वक रेस्क्यू
  • वाइल्डलाइफ ट्रांजिट एंड रेस्क्यू सेंटर (डब्ल्यूआरटीसी), गोरेगांव, नागपुर भेज दिया
  • खुमारी गांव के समीप चोरबहुली वन रेंज में बाघ टी-108 घायल अवस्था में दिखाई दिया

Nagpur News. वन विभाग ने घायल बाघ टी-108 का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे विशेष उपचार के लिए वाइल्डलाइफ ट्रांजिट एंड रेस्क्यू सेंटर (डब्ल्यूआरटीसी), गोरेगांव, नागपुर भेज दिया है। विभाग की त्वरित कार्रवाई ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति उसकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है। जानकारी के अनुसार, 4 जुलाई को खुमारी गांव के समीप चोरबहुली वन रेंज में बाघ टी-108 घायल अवस्था में दिखाई दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ की लगातार निगरानी शुरू करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

5 जुलाई को डब्ल्यूआरटीसी की पशु चिकित्सा टीम ने बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में उसके एक पैर में गंभीर चोट पाई गई। विशेषज्ञों ने बेहतर उपचार के लिए उसे नागपुर स्थित डब्ल्यूआरटीसी, गोरेगांव स्थानांतरित करने की सिफारिश की।

आवश्यक अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने सुनियोजित बचाव अभियान चलाया। बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज (बेहोश) कर प्राथमिक उपचार दिया गया और पशु चिकित्सकों की निगरानी में विशेष वाहन से डब्ल्यूआरटीसी, गोरेगांव पहुंचाया गया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है और उपचार जारी है।

यह बचाव अभियान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एम.एस. रेड्डी, पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एस. रमेश कुमार तथा उपनिदेशक अक्षय गजभिये के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

अभियान को सफल बनाने में सहायक वन संरक्षक पूजा लिमगांवकर, रेंज फॉरेस्ट अधिकारी जयेश तायड़े, डॉ. मयूर पावशे, डॉ. सुजीत कोलंगट, पराग भूटे, फॉरेस्ट रेंजर श्री खंडाटे, बालासाहेब लोधे तथा चोरबहुली वन रेंज के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Created On :   8 July 2026 9:53 PM IST

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