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Nagpur News: 450 करोड़ का आरसी बुक घोटाला, दो पूर्व डिप्टी आरटीओ जाएंगे जेल

Nagpur News देश के सबसे बड़े बताए जा रहे करीब 450 करोड़ रुपए के कथित आरसी बुक पंजीयन घोटाले की कार्रवाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। आरटीओ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक 18 पहिए ट्रक की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपए है, इसके अनुसार करीब 450 करोड़ रुपए का यह आंकड़ा अब तक फर्जी तरीके से पंजीकृत हुए 1587 ट्रकों की अनुमानित कीमत के आधार पर बताया जा रहा है।
3 हजार पन्नों की चार्जशीट : ग्रामीण आरटीओ में 1587 ट्रकों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए पंजीयन की जांच पूरी कर नागपुर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने करीब 3 हजार पन्नों की चार्जशीट फरवरी 2026 में अदालत में दाखिल कर दी है। जांच में तत्कालीन डिप्टी आरटीओ राजेश शरक और शांताराम फासे की भूमिका गंभीर पाई गई है। दोनों अधिकारी निलंबन के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन अब उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे की सुनवाई तेज होने से जेल जाने की आशंका प्रबल हो गई है। ग्रामीण आरटीओ अधिकारी विजय चव्हाण पहले ही दावा कर चुके हैं कि 1587 ट्रकों का फर्जी पंजीयन हुआ, जिसके चलते करीब 450 करोड़ रुपये के घोटाले की चर्चा पूरे महाराष्ट्र में है।
9 अधिकारी-कर्मचारियों पर विभागीय जांच, जवाब-तलब : नागपुर क्राइम ब्रांच की एसआईटी की जांच के बाद ग्रामीण आरटीओ ने इस मामले में 9 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। इनमें तत्कालीन डिप्टी आरटीओ राजेश शरक, शांताराम फासे, आरटीओ इंस्पेक्टर उदयसिंह पाटील, अमित कराड, क्लर्क कुंदन वाढिवधरे, भरत गायकवाड, दीपक गुल्हाने, मंगेश सोनुले और गजानन सोनोने शामिल हैं। शुक्रवार से सभी से जवाब-तलब शुरू किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार विजय चव्हाण के मार्गदर्शन में चल रही जांच में यदि किसी भी अधिकारी की भूमिका या लापरवाही साबित हुई तो विभागीय कार्रवाई के साथ आपराधिक कार्रवाई का रास्ता भी खुल जाएगा। उधर, क्राइम ब्रांच की एसआईटी पहले ही राजेश शरक और शांताराम फासे के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
Created On :   10 July 2026 4:00 PM IST













