Nagpur News: जिला परिषद के 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति

जिला परिषद के 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति
"एक घंटा छात्रवृत्ति के लिए' उपक्रम चलाकर 6 साल में कर दिखाया कमाल

Nagpur News जिला परिषद के विद्यार्थी भी निजी स्कूल के विद्यार्थियों से कम नहीं है। छात्रवृत्ति परीक्षा में विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए पात्रता सिद्ध कर यह कर दिखाया है। 6 साल में पांचवीं और आठवीं कक्षा के 2248 विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए पात्र हुए हैं। जिला परिषद का -"एक घंटा छात्रवृत्ति के लिए' उपक्रम और उस पर अमल करनेवाले शिक्षकों की मेहनत का नतीजा है। साल 2021 से यह प्रकल्प चलाया जा रहा है। साल दर साल परीक्षा उत्तीर्ण और छात्रवृत्ति के लिए पात्र विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

सिलसिला 6.65% से शुरू हुआ : पहले साल 2021 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रमाण 6.53% रहा। यह सिलसिला आगे बढ़ता गया। साल 2022 में 20.35%, साल 2023 में 23.56%, साल 2024 में 27.19%, साल 2025 में 22.01% और साल 2026 में 18.33% विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। परीक्षार्थियों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हुई। 2021 से पहले जिला परिषद के गिने-चुने विद्यार्थी परीक्षा में बैठा करते थे। -"एक घंटा छात्रवृत्ति के लिए' उपक्रम शुरू होने पर परीक्षार्थी विद्यार्थी संख्या बढ़ गई। अागे चलकर जिला परिषद ने सेस फंंड से सभी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति परीक्षा फीस भरने का निर्णय लिया। उसे भविष्य में भी जारी रखा।

स्कूल में ही मार्गदर्शन : "एक घंटा छात्रवृत्ति के लिए' कहने के लिए आसान है। उसे नियमित जारी रखना बड़ी चुनौती है। शिक्षकों ने इस चुनौती को स्वीकृत किया और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति परीक्षा का मार्गदर्शन किया। स्कूल टाइम में ही -"एक घंटा छात्रवृत्ति के लिए' विशेष क्लास लगाई जाती है। छात्रवृत्ति परीक्षा से पहले बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर अभ्यास परीक्षा ली जाती है। उसमें अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों का अलग से मार्गदर्शन कर बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है।

स्पर्धा परीक्षा का डर निकालने की पहल : छात्रवृत्ति परीक्षा में जिप विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के पीछे विद्यार्थियों के दिल से स्पर्धा परीक्षा का डर निकालने की पहल है। लोकसेवा आयोग तथा अन्य स्पर्धा परीक्षा के प्रति विद्यार्थियों के दिल से हिचक दूर कर भविष्य में किसी भी परीक्षा का आसानी से सामना करने के लिए शालेय जीवन से इसकी शुरुआत की गई है।


Created On :   10 July 2026 4:38 PM IST

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