महाराष्ट्र केंद्र ने पुणे के डेक्कन कॉलेज में शास्त्रीय मराठी अध्ययन केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी
मुंबई, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के ऐतिहासिक फैसले के बाद केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पुणे के ऐतिहासिक डेक्कन कॉलेज स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान संस्थान में शास्त्रीय मराठी भाषा अध्ययन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी।
इस मंजूरी से भाषा की समृद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से पर्याप्त केंद्रीय निधि और समर्पित अनुसंधान अवसंरचना के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इससे प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मराठी अध्ययन के लिए प्रोफेसर पदों के सृजन की सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत किया।
एक बयान में, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि केंद्र सरकार ने डेक्कन कॉलेज में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की हमारी मांग को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मंजूरी मिलने के बाद अब डीपीआर जमा करने और आवश्यक केंद्रीय निधि प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
फडणवीस ने आगे कहा कि शास्त्रीय मराठी भाषा दिवस की पूर्व संध्या पर लिए गए इस निर्णय से महाराष्ट्र के लोगों और विश्वभर के मराठी भाषी लोगों में अपार गर्व का भाव है।
मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने इस स्वीकृति को “मराठी भाषा, साहित्य, इतिहास और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) से विभिन्न शोध और संरक्षण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त सहायता सुनिश्चित होगी।
सामंत ने आगे कहा कि यह केंद्र मराठी के अकादमिक अध्ययन को एक नई दिशा देगा।
भारत के सबसे पुराने विरासत संस्थानों में से एक, पुणे स्थित डेक्कन कॉलेज इस नए विशेष शोध केंद्र की मेजबानी करेगा।
विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई राज्य की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अब केंद्र सरकार से समर्पित निधि प्राप्त करने के लिए औपचारिक रूप से प्रस्तुत की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह केंद्र ऐतिहासिक भाषाविज्ञान, प्राचीन ग्रंथों के डिजिटलीकरण, साहित्यिक संरक्षण और सांस्कृतिक अनुसंधान के क्षेत्र में पहलों का नेतृत्व करेगा।
केंद्र का यह निर्णय 3 अक्टूबर, 2024 को मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के बाद लिया गया है।
इस निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी।
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Created On :   2 Oct 2026 11:38 PM IST












