पश्चिम एशिया में हालात सुधरने पर दिल्ली सरकार ने 'वर्क-फ्रॉम-होम' पॉलिसी की खत्म

पश्चिम एशिया में हालात सुधरने पर दिल्ली सरकार ने वर्क-फ्रॉम-होम पॉलिसी की खत्म
पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और अमेरिका तथा ईरान के बीच सीजफायर की खबरों के बाद दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों के लिए लागू वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था और अलग-अलग कार्यालय समय (स्टैगर्ड ऑफिस टाइमिंग) को समाप्त करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और अमेरिका तथा ईरान के बीच सीजफायर की खबरों के बाद दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों के लिए लागू वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था और अलग-अलग कार्यालय समय (स्टैगर्ड ऑफिस टाइमिंग) को समाप्त करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया, "अब जबकि पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति लगभग सामान्य हो चुकी है, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार और शनिवार को लागू वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को वापस लेने की मंजूरी दे दी है।"

इस फैसले के बाद अब दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारी पहले की तरह नियमित समय पर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक कार्यालय में काम करेंगे। हालांकि, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मचारियों के कार्यालय समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उनके दफ्तर पहले की तरह सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक ही संचालित होंगे।

दिल्ली सरकार ने यह हाइब्रिड कार्य व्यवस्था इसी साल मई में लागू की थी। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की अनुमति दी गई थी।

यह फैसला उस समय लिया गया था, जब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन के जिम्मेदार उपयोग और सरकारी खर्च में बचत की अपील की थी।

इसके बाद दिल्ली सरकार ने ईंधन बचाने के उद्देश्य से कई अहम कदम उठाए थे। सरकारी बैठकों में से लगभग आधी बैठकों को वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया, ताकि अधिकारियों की यात्रा कम हो और ईंधन की बचत हो सके। साथ ही दिल्ली सरकार और एमसीडी के विभिन्न विभागों में अलग-अलग कार्यालय समय लागू किया गया था, जिससे पीक आवर्स में ट्रैफिक कम हो और ईंधन की खपत घटाई जा सके।

सरकार ने अधिकारियों के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग पर भी रोकथाम के कदम उठाए थे। उनके लिए मासिक पेट्रोल कोटा 20 प्रतिशत कम कर दिया गया था, यानी 200 लीटर की निर्धारित सीमा में कटौती की गई। इसके अलावा सरकार ने छह महीने तक कोई नया सरकारी वाहन नहीं खरीदने का भी फैसला लिया था।

अब पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने के बाद दिल्ली सरकार ने इन अस्थायी उपायों को वापस लेते हुए कर्मचारियों को नियमित कार्य व्यवस्था में लौटने का निर्देश दिया है।

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Created On :   4 July 2026 1:07 PM IST

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