'हिंदुत्व राष्ट्रवाद' पर ओवैसी के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- उनके बयान राष्ट्रविरोधी विचारधारा से प्रेरित

हिंदुत्व राष्ट्रवाद पर ओवैसी के बयान पर भाजपा का पलटवार, कहा- उनके बयान राष्ट्रविरोधी विचारधारा से प्रेरित
सरकारी स्कूलों में धार्मिक प्रार्थना की अनिवार्यता को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के फैसले पर राजनीति गरमा गई है। हार्टकोर्ट ने इस आदेश में सरकारी स्कूलों में छात्रों को किसी विशेष धार्मिक प्रार्थना के लिए बाध्य नहीं करने की बात कही गई है। कोर्ट के फैसले के बाद औवेसी ने 'हिंदुत्व राष्ट्रवाद' की अवधारणा पर सवाल उठाए हैं।

हैदराबाद, 4 जुलाई (आईएएनएस)। सरकारी स्कूलों में धार्मिक प्रार्थना की अनिवार्यता को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के फैसले पर राजनीति गरमा गई है। हार्टकोर्ट ने इस आदेश में सरकारी स्कूलों में छात्रों को किसी विशेष धार्मिक प्रार्थना के लिए बाध्य नहीं करने की बात कही गई है। कोर्ट के फैसले के बाद औवेसी ने 'हिंदुत्व राष्ट्रवाद' की अवधारणा पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने इसे संघ परिवार के 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' का हिस्सा बताया। उन्होंने दावा किया कि यह 'हिंदुत्व राष्ट्रवाद' भारतीय राष्ट्रवाद के खिलाफ है। ओवैसी की इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने उन पर करारा पलटवार किया है।

रामचंदर राव ने कहा कि भारत केवल किसी एक विचारधारा या धर्म का देश नहीं है, बल्कि यहां सभी धर्मों और संस्कृतियों का समान सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा सहिष्णुता और समावेशिता की रही है, जहां सभी धर्मों को पनपने का अवसर मिला है। इसलिए, ओवैसी का यह कहना सही नहीं है कि संघ परिवार का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारत का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद अलग-अलग हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें अत्यंत प्राचीन और मजबूत हैं तथा समय-समय पर विभिन्न धर्म यहां आए और स्थापित हुए। उनके अनुसार, हिंदू धर्म ने हमेशा अन्य धर्मों को स्थान और स्वतंत्रता देने की परंपरा निभाई है। इसी कारण भारत को एक समावेशी और बहुलतावादी समाज के रूप में देखा जाता है।

रामचंदर राव ने ओवैसी पर राष्ट्र-विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयान राजनीतिक प्रेरणा से प्रभावित हैं और वह बार-बार आरएसएस और संघ परिवार को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि 'हिंदू राष्ट्र' और 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' की अवधारणाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उनके अनुसार, भारत की आत्मा में धर्मनिरपेक्षता और सहअस्तित्व दोनों समाहित हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को सही संदर्भ में समझा जाना चाहिए। उनके अनुसार, स्कूलों में किसी भी प्रकार की धार्मिक बाध्यता उचित नहीं है और न्यायालय ने इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए।

इस दौरान रामचंदर राव ने तेलंगाना सरकार द्वारा 'वीबी-जी राम' के संबंध में सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर अदालत का रुख करना राज्य सरकार का अधिकार है, लेकिन तेलंगाना सरकार को यह भी याद रखना चाहिए कि 'वीबी-जी राम' भी लोगों का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि इस ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम में कई सुधार किए गए हैं, राज्य सरकारों की जवाबदेही तय की गई है, काम के दिनों की संख्या और मेहनताना बढ़ाया गया है तथा कार्यों का दायरा भी विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को इस योजना को बिना किसी हिचकिचाहट के लागू करना चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार और भाजपा को इसका श्रेय नहीं देना चाहती, इसलिए वह एक ओर अदालत का रुख कर रही है, जबकि दूसरी ओर उसकी कैबिनेट इस योजना को लागू करने का फैसला ले चुकी है।

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Created On :   4 July 2026 12:46 PM IST

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