दिल्ली के एलजी टीएस संधू ने विश्वविद्यालयों को दिया सुझाव, बेहतर नतीजों के लिए पीपीपी मॉडल अपनाएं

दिल्ली के एलजी टीएस संधू ने विश्वविद्यालयों को दिया सुझाव, बेहतर नतीजों के लिए पीपीपी मॉडल अपनाएं
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने मंगलवार को बेहतर नतीजे पाने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच तालमेल बिठाने का आह्वान किया।

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने मंगलवार को बेहतर नतीजे पाने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच तालमेल बिठाने का आह्वान किया।

एलजी संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "मैंने जीजीएसआईपी यूनिवर्सिटी, द्वारका में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के इस्तेमाल पर कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम को संबोधित किया और स्टूडेंट्स व फैकल्टी से बातचीत की। पीपीपी का मतलब सिर्फ फाइनेंसिंग नहीं, बल्कि इसका मकसद बेहतर नतीजे देने के लिए पब्लिक मकसद को प्राइवेट क्षमता के साथ जोड़ना है।"

संधू ने 'एक्स' पर लिखा, "एक प्रैक्टिकल पीपीपी प्लेबुक अधिकारियों को पार्टनरशिप को 'विकसितदिल्ली 2027' के लिए कुशल और जवाबदेह पब्लिक सर्विस में बदलने में मदद करेगी।"

एक बयान के अनुसार, उन्होंने सफलता के लिए चार स्तंभ भी बताए- पीपीपी को लागू करने के लिए सही मॉडल जहां वे असल वैल्यू जोड़ें; पूरी जांच-पड़ताल और संतुलित रिस्क-शेयरिंग पक्का करने के लिए मजबूत तैयारी, तालमेल और समय पर काम पूरा करने के लिए बेहतर कोऑर्डिनेशन, और मापने योग्य नतीजे और लाइफसाइकल ट्रांसपेरेंसी पक्का करने के लिए जवाबदेही।

इससे पहले, संधू ने टेक्निकल यूनिवर्सिटीज से शहर की सिविक समस्याओं जैसे साफ-सफाई, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़कों की हालत और बाढ़ मैनेजमेंट के लिए समाधान विकसित करने को कहा था।

पिछले महीने लोक निवास में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) की छठी कोर्ट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए संधू ने रिसर्च पेपर्स को दिल्ली की असल चुनौतियों के लिए काम के समाधान में बदलने का आह्वान किया।

उपराज्यपाल ने जोर दिया कि विकसित दिल्ली की राह रिसर्च से समाधान की ओर और इनोवेशन से असर की ओर बढ़ने में है।

उन्होंने कहा, "एआई एजुकेशन को ग्लोबल सहयोग के जरिए भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें ट्रांसफॉर्मेटिव एप्लीकेशन, खासकर सरकारी अस्पतालों में एआई-इनेबल्ड हेल्थकेयर पर फोकस हो।"

उपराज्यपाल ने यूनिवर्सिटी की एकेडमिक ग्रोथ की तारीफ की और ऐसी रिसर्च पर ज्यादा फोकस करने को कहा जो समाधान दे, और रिसर्च पेपर्स को दिल्ली की असल चुनौतियों के लिए काम के नतीजों में बदले।

उन्होंने कहा कि एक टेक्निकल यूनिवर्सिटी होने के नाते, एनएसयूटी को टेक्निकल समाधानों के लिए बेहतरीन ग्लोबल प्रैक्टिस का एनालिसिस करके शहर की जरूरी सिविक समस्याओं, जैसे साफ-सफाई, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़कों की हालत और बारिश-बाढ़ मैनेजमेंट, के लिए टेक्निकल समाधान देने की कोशिश करनी चाहिए।

संधू ने यूनिवर्सिटी को शहर की सिविक समस्याओं पर एक्सपर्ट एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेट करने और एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली पुलिस, हेल्थ डिपार्टमेंट, पीडब्ल्यूडी और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट जैसी सरकारी एजेंसियों को उनकी खास जरूरतों के हिसाब से टेक्निकल समाधान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

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Created On :   13 Oct 2026 8:55 PM IST

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