दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने उद्योगों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की समीक्षा की

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने उद्योगों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की समीक्षा की
दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को रोजगार पैदा करने और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रदूषण-मुक्त उद्यम स्थापित करने के मकसद से बनाई गई योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रोजेक्ट्स की स्थिति की समीक्षा की।

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को रोजगार पैदा करने और आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रदूषण-मुक्त उद्यम स्थापित करने के मकसद से बनाई गई योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रोजेक्ट्स की स्थिति की समीक्षा की।

अधिकारी ने एक बयान में कहा कि इस समीक्षा में कई अहम पहलों पर चर्चा की गई, जिनका मकसद दिल्ली के औद्योगिक और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना, कारोबार में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बेहतर बनाना, निर्यात को बढ़ावा देना, एमएसएमई और कारीगरों की मदद करना, इनोवेशन को प्रोत्साहित करना और सरकारी सेवाओं की तेज और बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित करना था।

बैठक के दौरान, सिरसा ने प्रस्तावित दिल्ली औद्योगिक नीति 2026–2036 की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें भविष्य के लिए तैयार, इनोवेशन-आधारित और टिकाऊ औद्योगिक इकोसिस्टम के विकास की परिकल्पना की गई है।

बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित नीति में कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें नई तकनीकें (फ्रंटियर टेक्नोलॉजी), ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, रिसर्च और इनोवेशन सेवाएं, हेल्थकेयर और मेडिकल वेलनेस, शहरी लॉजिस्टिक्स, सर्कुलर इकोनॉमी, उद्योग से जुड़ी स्किलिंग, एमएसएमई का आधुनिकीकरण और ग्रीन ट्रांजिशन शामिल हैं।

मंत्री ने प्रस्तावित दिल्ली स्टार्टअप नीति 2026–2031 की प्रगति की भी समीक्षा की, जिसका मकसद दिल्ली को इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

यह पॉलिसी फिनटेक, आकएंडडी, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डीप-टेक, फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर पर ध्यान देती है। समीक्षा में प्रस्तावित 'गो-दिल्ली फाउंडेशन' पर भी चर्चा हुई, जिसे दिल्ली सरकार के एक प्रमुख स्टार्टअप, इनोवेशन और कमर्शियलाइजेशन संस्थान के तौर पर बनाने की योजना है।

सिरसा ने एक व्यापक इंडस्ट्रियल सर्वे और यूनिफाइड इंडस्ट्री रजिस्ट्री के विकास से जुड़ी पहलों की भी समीक्षा की। इसमें औद्योगिक परिसरों की बेहतर पहचान और गवर्नेंस के लिए डिजिटल और क्यूआर-कोड आधारित सिस्टम के इस्तेमाल का प्रस्ताव है।

बैठक में एक्सपोर्ट प्रमोशन पर भी ध्यान दिया गया। इसके तहत जिलों में क्षमता-निर्माण वर्कशॉप, एक्सपोर्टर्स के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम और दिल्ली राज्य एक्सपोर्ट एक्शन प्लान व जिला एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तैयार करने की योजनाएं शामिल हैं।

दिल्ली सिंगल विंडो सिस्टम की प्रगति की समीक्षा करते हुए, सिरसा ने व्यवसायों और निवेशकों के लिए मंजूरी और क्लीयरेंस की प्रक्रियाओं को और आसान और डिजिटल बनाने की जरूरत पर जोर दिया। इस सिस्टम के रीडेवलपमेंट और इंटीग्रेशन का मकसद सरकारी प्रक्रियाओं को ज्यादा सुचारू, पारदर्शी और बिजनेस-फ्रेंडली बनाना है।

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Created On :   8 Sept 2026 11:27 PM IST

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