मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने दी चेतावनी, गंदी राजनीति का पड़ेगा व्यापक असर
ठाणे (महाराष्ट्र), 1 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को राज्य और देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखा हमला करते हुए इसे “गंदा और भयावह” बताया।
ठाणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राज ठाकरे ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाना बनाया और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट से अलग हुए बागी सांसदों और विधायकों पर तीखा प्रहार किया।
राजनीतिक दलों के भीतर बदलती निष्ठाओं और विभाजनों पर टिप्पणी करते हुए मनसे प्रमुख ने बिना संकोच के अपनी बात रखी और दलबदल को समझाने के लिए एक स्पष्ट उदाहरण दिया।
उन्होंने सांसदों और विधायकों के टूटे हुए गुट पर निशाना साधते हुए कहा, “अभी सवाल यह नहीं है कि कौन खरीद रहा है, बल्कि यह है कि कौन बिकने के लिए तैयार है। अगर वे खुद को बेचने के लिए तैयार हैं, तो खरीदार हमेशा मिल जाएंगे।”
राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि आज जो राजनीतिक संस्कृति आकार ले रही है, उसका आने वाली पीढ़ियों पर हानिकारक परिणाम होगा। उन्होंने कहा, “राजनेताओं को यह एहसास नहीं है कि वे किस तरह की मिसाल पेश कर रहे हैं। हम इस देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं?”
एमएनएस प्रमुख ने चेतावनी दी कि भाजपा की राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने की रणनीति अंत में उलटी पड़ सकती है। उन्होंने इसकी तुलना विश्व इतिहास और भारत के आपातकाल के समय से की।
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में चल रही गंदी राजनीति को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। कल जब भाजपा सत्ता में नहीं रहेगी, तब उसे भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हर चीज की एक सीमा होती है।”
उन्होंने कहा, “इतिहास गवाह है कि जब भी शासकों ने अपने विरोधियों को खत्म करने की कोशिश की है, तो उनके ही खेमे से शत्रु उभरकर उन्हें नष्ट करने में सफल रहे हैं। भाजपा के भीतर यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। बाहरी विरोध को खत्म करने की बात भूल जाइए। अब आपके अपने ही घर में विरोधी पनप रहे हैं और आपको उनसे निपटना होगा।”
भाजपा की मौजूदा सत्ता संरचना की तुलना ताश के पत्तों से बने एक कमजोर और अस्थिर ढांचे से करते हुए एमएनएस प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पार्टी की बहुत अधिक निर्भरता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “इस ढांचे का सबसे नीचे का आधार पत्ता भी अगर हिल जाए, तो पूरी इमारत ढह जाएगी। सच यह है कि आज भाजपा का अस्तित्व केवल प्रधानमंत्री मोदी की वजह से है, किसी और की वजह से नहीं। यह राजनीतिक खेल उन पर भारी पड़ सकता है।”
राज ठाकरे ने ठाणे में एमएनएस पदाधिकारियों को 'एसआईआर' मुद्दे पर संबोधित किया। बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार के विधानसभा चुनावों का जिक्र किया और दावा किया कि परिणामों को प्रभावित करने के लिए एक विशाल सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें बंगाल में कथित तौर पर 27 लाख वोटों को हटाना भी शामिल है।
उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी जैसी मुख्यमंत्री की हार कोई साधारण उपलब्धि नहीं है।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए ठाकरे ने दावा किया कि विपक्षी दलों को भाजपा में विलय किए बिना उन्हें तोड़ने की रणनीति भविष्य में नेतृत्व के दावों के लिए एक सोची-समझी शतरंज की चाल है।
ठाकरे ने कहा, “पैटर्न को देखिए, जब शिवसेना या तृणमूल कांग्रेस के सांसद अलग होते हैं, तो उन्हें सीधे भाजपा में क्यों नहीं मिला दिया जाता? अलग-अलग गुट क्यों बनाए रखे जाते हैं? अगर भविष्य में प्रधानमंत्री पद के नेतृत्व को लेकर अंदरूनी विरोध होता है, तो इन बिखरे हुए गुटों का इस्तेमाल समर्थन जुटाने के लिए किया जाएगा। जब आप सीधे विरोध को खत्म कर देते हैं, तो अपने ही खेमे में विरोधी पैदा हो जाते हैं। यह सच्चाई जल्द ही शीर्ष स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक सामने आएगी।”
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Created On :   1 July 2026 4:55 PM IST












