प्लानीस्वामी ने तमिलनाडु सरकार पर लगाया अपराध और नशीले पदार्थों पर नियंत्रण में विफल रहने का आरोप

चेन्नई, 2 जून (आईएएनएस)। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर रोक लगाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
एक बयान में, पलानीस्वामी ने चेन्नई के टोंडियारपेट इलाके में 23 साल के एक युवक विष्णु की मौत का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांजा बेचने का आरोप लगाकर उसे पीट-पीटकर मार डाला गया।
एआईएडीएमके नेता ने सवाल उठाया कि क्या नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के लिए सरकार का जवाब अब हिंसा और गैर-कानूनी कार्रवाई बन गया है।
उन्होंने पूछा कि जब किसी पर नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल होने का शक हो तो क्या हत्या ही उसका हल है। क्या लोगों से इसी बदलाव का वादा किया गया था।
पलानीस्वामी ने तिरुचिरापल्ली में हाल ही में हुए एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय द्वारा की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शासन की विफलताओं की जिम्मेदारी अधिकारियों पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ अधिकारियों की नियुक्ति करना ही काफी नहीं है, बल्कि असली बदलाव तो राजनीतिक नेतृत्व से ही आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की है। अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश करना बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।
पलानीस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियां इस बात का एक तरह से अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकारोक्ति है कि उनकी सरकार सत्ता में आने के 23 दिनों के भीतर भी नशीले पदार्थों की समस्या को पूरी तरह से खत्म करने में नाकाम रही है।
एआईएडीएमके प्रमुख ने सरकार द्वारा प्रस्तावित 'लायनेस टास्क फोर्स' को शुरू करने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया। यह एक विशेष पहल है जिसका मकसद महिलाओं की सुरक्षा को और बेहतर बनाना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम को शुरू करने की पूरी तैयारी पहले ही हो चुकी थी, लेकिन आखिरी समय पर इसे टाल दिया गया।
पलानीस्वामी ने पूछा कि जब तक यह टास्क फोर्स काम करना शुरू नहीं कर देती, तब तक क्या महिलाओं को इसी तरह असुरक्षित हालात में रहना पड़ेगा। जब सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, तो फिर इसे शुरू करने में इतनी देरी क्यों की गई।
पलानीस्वामी ने उन रिपोर्टों का भी हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि थूथुकुडी के पास हुए एक सामूहिक बलात्कार के मामले में सत्ताधारी पार्टी के दो पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने सरकार की अनुशासन बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को कायम रखने की क्षमता पर सवाल उठाया, क्योंकि सत्ताधारी पार्टी के सदस्य खुद ही गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं।
यह दावा करते हुए कि तमिलनाडु में सार्वजनिक सुरक्षा के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित न रहें, बल्कि शासन-प्रशासन पर भी पूरा ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे पहला फर्ज है कि वह कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करे, महिलाओं की रक्षा करे और पूरे राज्य में नागरिकों की सुरक्षा की पूरी गारंटी दे।
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