केंद्र ने चावल के स्टॉक पर निगरानी बढ़ाई, आपूर्ति बढ़ाने के लिए भी उठाए कदम

नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने चावलों की कीमतों को काबू में रखने और देश में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं। इसमें चावल और धान के स्टॉक का अनिवार्य खुलासा करना, दक्षिणी राज्यों को स्टॉक सीमा लागू करने की अनुमति, सब्सिडी वाले 'भारत चावल' का अधिक आवंटन, और 'ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस-डोमेस्टिक)' के तहत चावल की बिक्री में भारी वृद्धि शामिल हैं।
नए कदमों के तहत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी रिटेल चेन, प्रोसेसर्स और मिल मालिकों को निर्देश दिया है कि वे हर हफ्ते अपने पास मौजूद चावल और धान के स्टॉक की जानकारी दें।
6 नवंबर को जारी एक आदेश के तहत, स्टॉक रखने वाली इकाइयों को हर शुक्रवार को 'फूड स्टॉक पोर्टल' पर विवरण देना होगा। इसमें छह श्रेणियों की जानकारी शामिल होगी, जिसमें बासमती चावल, प्रीमियम नॉन-बासमती चावल, नॉन-बासमती चावल, पारबॉइल्ड राइस, टूटा हुआ चावल और धान शामिल हैं।
सरकार ने कहा है कि सभी संबंधित पक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दी गई जानकारी सही हो और उसे नियमित रूप से अपडेट किया जाए।
जो इकाइयां पोर्टल पर पंजीकरण कराने में विफल रहती हैं या तय स्टॉक सीमा का उल्लंघन करती हैं, उनके खिलाफ 'आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955' के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
जमाखोरी रोकने और उचित कीमतों पर अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना को अनुमति दे दी है कि वे जरूरत पड़ने पर चावल और धान के लिए स्टॉक सीमा तय कर सकें। ये पाबंदियां 31 जनवरी, 2027 तक लागू रहेंगी।
सरकार ने 'भारत चावल' की उपलब्धता बढ़ाने का भी फैसला किया है। इसके लिए नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को चावल की अतिरिक्त मात्रा आवंटित की गई है।
इन एजेंसियों से कहा गया है कि वे वितरण चैनलों का विस्तार करें ताकि सब्सिडी वाले अनाज तक लोगों की पहुंच बेहतर हो सके। ऐसा खासकर दक्षिणी राज्यों के लिए कहा गया है, जहां खुदरा कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं।
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 'ओएमएसएस-डोमेस्टिक' के तहत चावल की बिक्री का लक्ष्य दोगुना कर दिया है। इसे 25 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) से बढ़ाकर 50 एलएमटी कर दिया गया है। इस कदम का मकसद बाजार में आपूर्ति बढ़ाना और कीमतों के दबाव को कम करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 31 अक्टूबर तक ओएमएसएस-डोमेस्टिक ई-नीलामी के जरिए निजी खरीदारों को 25 एलएमटी चावल बेचा जा चुका है। यह पिछले साल की इसी अवधि में बेचे गए 11 एलएमटी चावल से दोगुने से भी अधिक है।
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