भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में पहली छमाही में दर्ज किया गया 8.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड इक्विटी निवेश रिपोर्ट

भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में पहली छमाही में दर्ज किया गया 8.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड इक्विटी निवेश रिपोर्ट
गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) के दौरान 8.5 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे अधिक अर्धवार्षिक (हाफ-ईयर) निवेश है। यह निवेश पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है।

नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) के दौरान 8.5 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे अधिक अर्धवार्षिक (हाफ-ईयर) निवेश है। यह निवेश पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है।

रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म सीबीआरई साउथ एशिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बढ़ोतरी के पीछे भूमि और डेवलपमेंट साइट्स की खरीद तथा निर्मित ऑफिस परिसंपत्तियों में लगातार मजबूत निवेश प्रमुख वजह रहा।

रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि पूरे 2026 के दौरान भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का यह सकारात्मक रुझान जारी रहेगा, क्योंकि तैयार परियोजनाओं की खरीद और नए प्रोजेक्ट्स के विकास, दोनों में पूंजी का प्रवाह लगातार बना हुआ है।

सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि घरेलू निवेशकों ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की दीर्घकालिक संभावनाओं पर मजबूत भरोसा दिखाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि साल की दूसरी छमाही में भी यह रफ्तार बनी रहेगी और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के साथ विदेशी निवेशक भी दोबारा सक्रिय होंगे। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन भारत के रियल एस्टेट कैपिटल मार्केट की मजबूती और गहराई को दर्शाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 (दूसरी तिमाही) के दौरान रियल एस्टेट सेक्टर में 3.4 अरब डॉलर का निवेश आया, जो पिछले वर्ष के लगभग समान स्तर पर रहा। इस अवधि में कुल निवेश का लगभग 94 प्रतिशत हिस्सा भूमि एवं डेवलपमेंट साइट्स तथा निर्मित ऑफिस परिसंपत्तियों में लगाया गया।

निवेश के लिहाज से डेवलपर्स सबसे आगे रहे, जिनकी हिस्सेदारी करीब 34 प्रतिशत रही। इसके बाद घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी लगभग 32 प्रतिशत रही। वहीं, संस्थागत निवेशकों से आने वाली कुल पूंजी में पिछली तिमाही की तुलना में 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

शहरों की बात करें तो बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई ने मिलकर दूसरी तिमाही में कुल निवेश का लगभग 60 प्रतिशत आकर्षित किया। इस दौरान कुल निवेश का करीब 92 प्रतिशत हिस्सा घरेलू निवेशकों, विशेष रूप से डेवलपर्स, की ओर से आया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भूमि और साइट अधिग्रहण में हुए कुल निवेश का 88 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आवासीय और ऑफिस परियोजनाओं में लगाया गया। शेष निवेश डेटा सेंटर, मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स तथा इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स (आईएंडएल) परियोजनाओं में किया गया।

सीबीआरई इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और को-हेड (कैपिटल मार्केट्स) गौरव कुमार ने कहा कि भारत का रियल एस्टेट निवेश बाजार लगातार मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार, कोर एसेट्स में संस्थागत निवेश और भूमि सौदों में तेज गतिविधि इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के निवेशक विभिन्न एसेट क्लास में अपने रियल एस्टेट पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार कर रहे हैं।

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Created On :   16 July 2026 2:38 PM IST

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