आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन के रूप में राजीव कुमार की नियुक्ति को दी मंजूरी

आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन के रूप में राजीव कुमार की नियुक्ति को दी मंजूरी
एचडीएफसी बैंक ने बुधवार को घोषणा की कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पूर्व वित्त सचिव और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को बैंक का अंशकालिक (पार्ट-टाइम) चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और उनका कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा।

नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। एचडीएफसी बैंक ने बुधवार को घोषणा की कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पूर्व वित्त सचिव और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को बैंक का अंशकालिक (पार्ट-टाइम) चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और उनका कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा।

निजी क्षेत्र के इस बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह नियुक्ति बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 10बी(1ए)(i) के तहत आरबीआई द्वारा स्कीकृत की गई है। यह मंजूरी बैंक की ओर से आरबीआई को भेजे गए आवेदन और 29 जून को किए गए पूर्व खुलासे के बाद मिली है।

एचडीएफसी बैंक ने अपनी फाइलिंग में कहा, "हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक को किए गए आवेदन के आधार पर आरबीआई ने राजीव कुमार को 15 जुलाई से तीन वर्ष की अवधि के लिए बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।"

बैंक ने अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। बैंक ने कहा कि मिस्त्री आगे भी बैंक के निदेशक मंडल में गैर-कार्यकारी (नॉन-एग्जीक्यूटिव) और गैर-स्वतंत्र निदेशक (नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे।

बैंक ने कहा, "बैंक अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री के बहुमूल्य मार्गदर्शन और योगदान के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है। मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में कार्य करते रहेंगे।"

राजीव कुमार सार्वजनिक नीति, वित्तीय क्षेत्र में सुधार और सुशासन के क्षेत्र में कई दशकों का अनुभव रखते हैं। उन्हें विशेष रूप से 2017 से 2020 के बीच भारतीय बैंकिंग प्रणाली में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए), कमजोर पूंजी आधार और प्रशासनिक चुनौतियों के दौर में महत्वपूर्ण बैंकिंग सुधारों का नेतृत्व करने के लिए जाना जाता है।

1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी रहे राजीव कुमार ने फरवरी 2020 में वित्त सचिव के पद से सेवानिवृत्ति ली थी। इस दौरान उन्होंने वित्तीय सेवा विभाग का नेतृत्व किया।

सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने कुछ समय तक लोक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्हें भारत का 25वां मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया।

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Created On :   15 July 2026 8:47 PM IST

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