सऊदी अरब के तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमले की नेपाल ने निंदा की, नेपाली नागरिक की मौत पर जताया दुख

काठमांडू, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। नेपाल ने सऊदी अरब के सऊदी अरामको के शायबह तेल क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। इस घटना में ड्रोन को हवा में नष्ट किए जाने के बाद उसका मलबा गिरने से एक नेपाली और एक फिलीपींस नागरिक की मौत हो गई।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि नेपाल नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जाने वाले सभी हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है।
मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि नेपाल विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में है और बातचीत, वार्ता तथा कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समस्याओं का समाधान चाहता है।
नेपाल ने इस घटना में मारे गए नेपाली नागरिक की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "बुधवार को सऊदी अरामको के शायबह तेल क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले के मलबे से एक नेपाली नागरिक की दुखद मौत से हम बेहद दुखी हैं। हम शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
यह घटना बुधवार सुबह हुई, जब सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने शायबह तेल क्षेत्र की एक सुविधा को निशाना बनाने जा रहे ड्रोन को बीच में ही रोक लिया।
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, ड्रोन को नष्ट किए जाने के बाद उसका मलबा तेल क्षेत्र में काम कर रहे एक ठेकेदार के वाहन पर गिर गया, जिससे आग लग गई।
इस घटना में दो विदेशी नागरिकों, एक नेपाली और एक फिलीपीन नागरिक की मौत हो गई। वहीं, एक पाकिस्तानी और एक भारतीय नागरिक घायल हो गए।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हुई हैं। पहले भी हवाई अड्डों, सैन्य प्रतिष्ठानों और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया जाता रहा है।
यमन के हूती विद्रोही (जो युद्धग्रस्त देश के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं) कई वर्षों से सऊदी समर्थित यमनी सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
शायबह तेल क्षेत्र सऊदी अरामको द्वारा संचालित एक प्रमुख तेल उत्पादन केंद्र है। यह सऊदी अरब के रूब-अल-खाली (एम्प्टी क्वार्टर) रेगिस्तान में संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के निकट स्थित है। यह सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और वैश्विक तेल आपूर्ति में भी अहम योगदान देता है।
इस ताजा घटना ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यहां ऊर्जा, निर्माण, सेवा और अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार कार्यरत हैं।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, खाड़ी देशों में लगभग 18 लाख नेपाली नागरिक रहते हैं, जिनमें अधिकांश प्रवासी श्रमिक हैं।
नेपाल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक विदेशों में काम कर रहे श्रमिकों द्वारा भेजी जाने वाली धनराशि (रेमिटेंस) पर निर्भर करती है। यह रकम लाखों परिवारों के खर्चों को पूरा करने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
नेपाल लगातार सशस्त्र संघर्षों के दौरान नागरिकों और नागरिक ढांचे की सुरक्षा की वकालत करता रहा है। साथ ही, वह विदेशों में काम कर रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पालन पर भी जोर देता है।
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Created On :   22 Oct 2026 10:01 PM IST











