केरल में सियासी संग्राम तेज सतीशन का पलटवार, सीएम विजयन पर लगाए आरोप

केरल में सियासी संग्राम तेज सतीशन का पलटवार, सीएम विजयन पर लगाए आरोप
केरल में सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई-एम) और कांग्रेस-नीत विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखा पलटवार करते हुए सीपीआई-एम और आरएसएस के बीच संबंध होने का आरोप लगाया है।

तिरुवनंतपुरम, 26 मार्च (आईएएनएस)। केरल में सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई-एम) और कांग्रेस-नीत विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखा पलटवार करते हुए सीपीआई-एम और आरएसएस के बीच संबंध होने का आरोप लगाया है।

यह बयान उस समय आया जब मुख्यमंत्री विजयन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से सांठगांठ के आरोप लगाए थे। सतीशन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि केरल की राजनीतिक समझ रखने वाली जनता इन्हें स्वीकार नहीं करेगी।

सतीशन ने दावा किया कि अतीत में सीपीआई-एम को आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन मिला है। उन्होंने 1977 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विजयन को आरएसएस का समर्थन मिला था, न कि कांग्रेस को।

उन्होंने उडुमा विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए आरएसएस नेता केजी मरार के साथ कथित समझौते का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने सीपीआई-एम के वरिष्ठ नेता ई. एम. एस. नंबूदिरिपाद की आरएसएस नेताओं के साथ तस्वीरों का जिक्र किया और पूछा कि क्या विजयन पलक्कड़ में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी की मौजूदगी से इनकार करेंगे।

विपक्ष के नेता ने 1989 की राष्ट्रीय राजनीति का भी हवाला देते हुए कहा कि उस समय सीपीआई-एम नेताओं ईएमएस नंबूदिरिपाद और ज्योति बसु ने वी.पी. सिंह का समर्थन किया था, जिसमें भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी भी शामिल थे।

सतीशन ने आरएसएस से जुड़े ‘ऑर्गनाइजर’ के पूर्व संपादक बालाशंकर के बयान का जिक्र करते हुए पिछले विधानसभा चुनाव में सीपीआई-एम और भाजपा के बीच समझौते का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से इस पर स्पष्ट जवाब मांगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजयन ने तिरुवनंतपुरम में आरएसएस नेताओं के साथ बैठकें कीं और बैकचैनल संपर्क बनाए रखे। साथ ही, कोडकारा हवाला मामले जैसी जांच को कमजोर करने और करीबी लोगों को बचाने की कोशिश का भी आरोप लगाया।

सतीशन ने कहा कि कांग्रेस को संघ परिवार का विरोध करने के लिए किसी से सीख लेने की जरूरत नहीं है और उनके पास और भी सबूत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को इन आरोपों का जवाब देने की चुनौती दी।

चुनाव से पहले केरल में यह सियासी घमासान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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Created On :   26 March 2026 6:53 PM IST

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