बड़ी आईटी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं मिड-साइज आईटी कंपनियां, चुनौतियों के बावजूद मजबूत संभावनाएं रिपोर्ट

बड़ी आईटी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं मिड-साइज आईटी कंपनियां, चुनौतियों के बावजूद मजबूत संभावनाएं रिपोर्ट
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितताओं और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेन-एआई) के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बावजूद, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मिड-साइज आईटी कंपनियों के अपने बड़े प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना है। यह बात ब्रोकरेज फर्म नुवामा की एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितताओं और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेन-एआई) के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बावजूद, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मिड-साइज आईटी कंपनियों के अपने बड़े प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना है। यह बात ब्रोकरेज फर्म नुवामा की एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही के दौरान आईटी सेवाओं की कुल मांग का माहौल व्यापक रूप से स्थिर बना रहा। हालांकि सितंबर में वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बिगड़ने से कारोबारी भावना पर कुछ असर जरूर पड़ा है।

नुवामा का मानना है कि आगामी तिमाही नतीजों के दौरान आईटी कंपनियों का प्रबंधन वैश्विक तनाव, कमजोर व्यापक आर्थिक वातावरण और जेन-एआई के बदलते प्रभाव को लेकर सतर्क रुख अपनाएगा। हाल के महीनों में इन कारकों ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले नौ महीनों में आईटी इंडेक्स में लगभग 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे प्लेटफॉर्म आधारित जेन-एआई से संभावित व्यवधान और खाड़ी क्षेत्र से जुड़ी अनिश्चितताओं को प्रमुख वजह माना गया है।

हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद नुवामा ने आईटी सेवा क्षेत्र को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेन-एआई आईटी कंपनियों के मौजूदा बिजनेस मॉडल के लिए खतरा नहीं है, बल्कि इससे नए अवसर पैदा होने की संभावना अधिक है।

ब्रोकरेज ने कहा, "हम लगातार मानते हैं कि आईटी सर्विसेज मॉडल आगे भी मजबूत बना रहेगा और जेन-एआई का प्रभाव इस उद्योग के लिए बड़े अवसरों का रास्ता खोलेगा।"

रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि अधिकांश आईटी कंपनियों के मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। परिचालन दक्षता बढ़ाने और लागत नियंत्रण उपायों का लाभ कंपनियों को मिलने की उम्मीद है।

हालांकि कुछ कंपनियां अपनी राजस्व वृद्धि के अनुमान में बदलाव कर सकती हैं, लेकिन नुवामा का मानना है कि मार्जिन संबंधी मार्गदर्शन में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

ब्रोकरेज ने डॉलर-रुपया विनिमय दर को लेकर भी अपना अनुमान संशोधित करते हुए 93 रुपए प्रति डॉलर से बढ़ाकर 95 रुपए प्रति डॉलर कर दिया है। साथ ही मूल्यांकन के लिए वित्त वर्ष 2028 से वित्त वर्ष 2029 के औसत प्राइस-टू-अर्निंग (पी/ई) मल्टीपल्स को आधार बनाया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन मध्यम और लंबी अवधि में आईटी सेवा क्षेत्र की संभावनाएं मजबूत दिखाई देती हैं। स्थिर मांग, डिजिटल परिवर्तन परियोजनाओं में बढ़ता निवेश और एआई-आधारित समाधान आने वाले वर्षों में उद्योग के लिए नए विकास अवसर पैदा कर सकते हैं।

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Created On :   2 Oct 2026 5:53 PM IST

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