औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाए रखेगी सरकार मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी
कोलकाता, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बड़े निवेश और औद्योगिक विस्तार के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को साल्ट लेक स्थित बनबितान में 'अरण्य सप्ताह' (वन सप्ताह) का उद्घाटन किया। यह अभियान 14 जुलाई से 20 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान उन्होंने 'बनरथ' को भी रवाना किया और लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
सभा को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना की मंजूरी के लिए यह नियम है कि कुल परियोजना क्षेत्र का दो-तिहाई हिस्सा आवश्यक बुनियादी ढांचे के लिए और शेष एक-तिहाई हिस्सा वृक्षारोपण के लिए निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले इस नियम का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता था, लेकिन उनकी सरकार इसे सख्ती से लागू करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शहरों में कंक्रीट के जंगल तेजी से बढ़ रहे हैं। जिन इलाकों में दस वर्ष पहले घने जंगल हुआ करते थे, वहां अब हरियाली तेजी से खत्म हो रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर बंगाल के तराई और डुआर्स क्षेत्रों के जंगलों की स्थिति भी चिंताजनक हो गई है।
उन्होंने कहा, "मैं इस मिट्टी का बेटा हूं। पिछले कुछ वर्षों में मैंने अपनी आंखों से देखा है कि राज्य के जंगलों को किस तरह नुकसान पहुंचाया गया। पेड़ों तक को नहीं छोड़ा गया। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की जरूरत है।" उनके इस बयान को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर परोक्ष हमला माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष के शेष समय में पूरे पश्चिम बंगाल में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को विशेष रूप से नारियल के पौधों का बड़े पैमाने पर वितरण करने का निर्देश दिया है। उनका कहना था कि वैज्ञानिक अध्ययनों में यह सामने आया है कि नारियल के पेड़ आकाशीय बिजली (तड़ित) के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को भी पौधे वितरित किए और उन्हें पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया।
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Created On :   14 July 2026 2:57 PM IST












