पाकिस्तान में सुरक्षित वैक्सीनेशन की गारंटी भी नहीं, 331 बच्चे एचआईवी संक्रमित र‍िपोर्ट

पाकिस्तान में सुरक्षित वैक्सीनेशन की गारंटी भी नहीं, 331 बच्चे एचआईवी संक्रमित  र‍िपोर्ट
पाकिस्तान की वैश्विक छवि पहले से ही कमजोर हो रही है और अब पंजाब प्रांत के एक सरकारी अस्पताल में हुई एक हालिया घटना ने इसे और झटका दिया है। यहां 331 बच्चे एचआईवी से संक्रमित पाए गए।

इस्लामाबाद, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान की वैश्विक छवि पहले से ही कमजोर हो रही है और अब पंजाब प्रांत के एक सरकारी अस्पताल में हुई एक हालिया घटना ने इसे और झटका दिया है। यहां 331 बच्चे एचआईवी से संक्रमित पाए गए।

'खालसा वॉक्स' की रिपोर्ट के अनुसार, भक्कर शहर में हुई इस घटना ने देश की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने लंबे समय से कथित तौर पर खालिस्तानी आतंकवादियों, अपराधियों और नशा तस्करों को समर्थन देकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कई बच्चों को एक ही सिरिंज से टीके लगाए गए, जो सिर्फ लापरवाही ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी कमजोरी को भी दिखाता है।

रिपोर्ट में बताया गया है, "इसे सिर्फ एक सामान्य मेडिकल गलती मानकर नहीं छोड़ा जा सकता। यह एक ऐसी व्यवस्था की सच्चाई दिखाता है जो कमजोर है और जहां बुनियादी स्वास्थ्य नियमों का पालन भी नहीं हो रहा है। एक ही सिरिंज से दस बच्चों को इंजेक्शन देना या तो नियमों की जानकारी की कमी दिखाता है या फिर नियमों की पूरी तरह अनदेखी और दोनों ही स्थितियां खतरनाक हैं।"

331 बच्चों के एचआईवी से संक्रमित होना बेहद गंभीर मामला है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि सैकड़ों मासूम बच्चों की जिंदगी है, जिनका भविष्य एक लापरवाही की वजह से प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पहले भी चेतावनी के संकेत मिल चुके थे, जिससे साफ होता है कि यह समस्या अचानक नहीं आई, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह समस्या सिर्फ एक अस्पताल या कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था की विफलता को दिखाती है। अगर मजबूत निगरानी, जवाबदेही और समय पर सुधार न हो, तो ऐसी घटनाएं दोबारा होने की संभावना रहती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी देश की ताकत सिर्फ बाहरी दिखावे से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि वह अपने नागरिकों की बुनियादी सुरक्षा कितनी अच्छी तरह सुनिश्चित करता है। अगर कोई देश अपने बच्चों को सुरक्षित टीका तक नहीं दे सकता, तो उसकी प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठते हैं।

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Created On :   23 April 2026 9:38 PM IST

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