पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच ईरान की स्थिति पर हुई चर्चा, भारत ने की शांति की अपील

पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच ईरान की स्थिति पर हुई चर्चा, भारत ने की शांति की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस चर्चा में ईरान की वर्तमान स्थिति भी शामिल रही।

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस चर्चा में ईरान की वर्तमान स्थिति भी शामिल रही।

सोमवार को कार्नी की भारत यात्रा पर आयोजित एक विशेष ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने बताया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत, ईरान और व्यापक खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव बढ़ाने से बचने तथा संवाद और कूटनीति के मार्ग पर चलकर स्थिति को शांत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तनाव कम करने और मूल मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि‍ सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। क्षेत्र में हमारे मिशन भारतीय नागरिकों और विभिन्न सामुदायिक संगठनों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने, मिशनों से संपर्क बनाए रखने तथा स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए परामर्श जारी किए गए हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र के सभी देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।

प्रधानमंत्री कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया भर में जारी विभिन्न तनावों पर भारत का रुख स्पष्ट है। हमने हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने की बात की है, और जब दो लोकतंत्र साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और भी मजबूत हो जाती है।”

खाड़ी देशों में सुरक्षा चिंताओं पर बोलते हुए, उन्होंने कहा क‍ि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है। सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, हम क्षेत्र के सभी देशों के साथ निकटता से काम करते रहेंगे।

ये बातें पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच आई हैं, जो अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ। इन हमलों का उद्देश्य तेहरान की मिसाइल क्षमताओं और व्यापक सैन्य ढांचे को कमजोर करना बताया गया।

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Created On :   2 March 2026 8:19 PM IST

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