टीएमसी पार्षद भिष्मदेव कर्माकर गिरफ्तार, अधीर रंजन के चुनाव प्रचार में बाधा डालने का आरोप

टीएमसी पार्षद भिष्मदेव कर्माकर गिरफ्तार, अधीर रंजन के चुनाव प्रचार में बाधा डालने का आरोप
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बहरामपुर में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के पार्षद भिष्मदेव कर्माकर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के चुनाव प्रचार में बाधा डाली थी।

कोलकाता, 10 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बहरामपुर में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के पार्षद भिष्मदेव कर्माकर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के चुनाव प्रचार में बाधा डाली थी।

मुर्शिदाबाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि यह गिरफ्तारी चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज की गई एक शिकायत के आधार पर की गई है। बहरामपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 19 के पार्षद भीष्मदेव कर्मकार को शनिवार रात बहरामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मुर्शिदाबाद संगठनात्मक जिले के युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं।

4 अप्रैल को, जब राज्य में विधानसभा चुनावों का प्रचार अपने चरम पर था, अधीर रंजन चौधरी ने बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर प्रचार किया था। टीएमसी पार्षद पर चौधरी की रैली में रुकावट डालने का आरोप था, जिसके दौरान कांग्रेस नेता के खिलाफ कथित तौर पर वापस जाओ के नारे भी लगाए गए थे।

इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिससे पुलिस को दखल देना पड़ा ताकि मामला और न बिगड़े। प्रचार के दौरान, अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस पर जानबूझकर उनके चुनाव प्रचार के कामों में रुकावट डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। बाद में बरहमपुर पुलिस स्टेशन में इस घटना के संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।

हालांकि, भीष्मदेव कर्मकार ने इन आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि अधीर रंजन चौधरी बाहर के लोगों को लाकर इलाके में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्थानीय निवासियों ने अपनी मर्जी से कांग्रेस नेता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था।

कर्मकार की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी के कुछ वर्गों की ओर से राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई किए जाने के आरोप सामने आए। पार्टी समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरे राज्य में तृणमूल कार्यकर्ताओं और नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद की गई थी। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि यह कार्रवाई 4 अप्रैल की घटना से जुड़ी विशिष्ट शिकायतों के आधार पर की गई थी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से तय प्रक्रिया के अनुसार ही शुरू की गई थी।

बहरामपुर से पांच बार सांसद रहे अधीर रंजन चौधरी 2024 के लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और भारत के पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से हार गए थे। बाद में कांग्रेस ने उन्हें 2026 के विधानसभा चुनावों में उसी निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा, जहां उन्हें एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा।

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Created On :   10 May 2026 10:09 PM IST

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