मध्य प्रदेश रीवा में बाढ़ के हालात सुधरे; प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का सर्वे

मध्य प्रदेश रीवा में बाढ़ के हालात सुधरे; प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का सर्वे
पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश से रीवा जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे, लेकिन अब नदियों का जलस्तर तेजी से कम हुआ है और प्रभावित इलाकों में जमा पानी भी घटने लगा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने और बाढ़ के बाद बहाली का काम शुरू कर दिया है।

रीवा, 24 अगस्त (आईएएनएस)। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश से रीवा जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे, लेकिन अब नदियों का जलस्तर तेजी से कम हुआ है और प्रभावित इलाकों में जमा पानी भी घटने लगा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने और बाढ़ के बाद बहाली का काम शुरू कर दिया है।

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सोमवार को सभी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को निर्देश दिया कि वे नुकसान का सर्वे करने के लिए पटवारियों और दूसरे फील्ड स्टाफ को तैनात करें और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपें। इस सर्वे में घरों, घर के सामान और फसलों को हुए नुकसान को शामिल किया जाएगा ताकि राहत के मामले तैयार किए जा सकें और सरकारी नियमों के अनुसार मदद बांटी जा सके।

कलेक्टर ने शहरी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों को प्रभावित इलाकों में तुरंत साफ-सफाई का काम शुरू करने का भी निर्देश दिया। लोक निर्माण विभाग से खराब सड़कों की मरम्मत करने को कहा गया, जबकि बिजली बोर्ड को खराब बिजली लाइनों और ट्रांसफॉर्मर को ठीक करने का निर्देश दिया गया।

यह नया कदम मुख्यमंत्री मोहन यादव के रीवा, शहडोल और जबलपुर डिवीजनों में बारिश और बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने और नुकसान झेलने वाले लोगों को मुआवजा देने का भरोसा दिलाने के एक दिन बाद उठाया गया।

सूर्यवंशी ने सोमवार को आईएएनएस को बताया, "जिले भर की नदियों में जलस्तर तेजी से गिरा है और जलभराव कम हो गया है। सभी प्रभावित इलाकों में तुरंत साफ-सफाई का काम शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को हेल्थ कैंप लगाने और मानसून से जुड़ी बीमारियों के लिए पर्याप्त दवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।"

पशुपालन विभाग को बाढ़ में मरे मवेशियों का निपटान करने और बीमार जानवरों के लिए टीकाकरण और इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। इसी तरह, लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग से पीने के पानी के स्रोतों में क्लोरीन मिलाने और बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुओं और हैंडपंपों की जांच करने को कहा गया। कृषि विभाग को फसल के नुकसान का आकलन करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।

सूर्यवंशी ने कहा, "नुकसान का सर्वे तीन दिन के अंदर पूरा हो जाना चाहिए ताकि पात्र प्रभावित लोगों तक बिना देरी के राहत पहुंच सके। सभी विभागों को बाढ़ के बाद की समस्याओं को दूर करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम करना चाहिए।"

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Created On :   25 Aug 2026 12:03 AM IST

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