आरएलडी की नई संसदीय बोर्ड की घोषणा, केसी त्यागी को मिली कमान

आरएलडी की नई संसदीय बोर्ड की घोषणा, केसी त्यागी को मिली कमान
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने मंगलवार को 16 सदस्यीय नई संसदीय बोर्ड की घोषणा की। इस बोर्ड की कमान वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी को सौंपी गई है। इसके अलावा बोर्ड में चार विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल होंगे। इसकी जानकारी पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।

नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने मंगलवार को 16 सदस्यीय नई संसदीय बोर्ड की घोषणा की। इस बोर्ड की कमान वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद केसी त्यागी को सौंपी गई है। इसके अलावा बोर्ड में चार विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल होंगे। इसकी जानकारी पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।

जयंत सिंह ने एक्स पर लिखा, "मुझे आरएलडी संसदीय बोर्ड के गठन की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद के.सी. त्यागी करेंगे। मैं स्वयं भी इस समिति का सदस्य रहूंगा। इस समिति में पार्टी संगठन के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता तथा कुछ प्रतिष्ठित नागरिक भी शामिल होंगे।"

राष्ट्रीय लोक दल की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र चौधरी अजीत सिंह ने जनता दल से अलग होकर की थी।

जयंत सिंह के पिता अजीत सिंह पहले कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस्तीफा देकर भारतीय किसान कामगार पार्टी का गठन किया, जो आगे चलकर 1999 में राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के रूप में स्थापित हुई। अजीत सिंह वर्ष 2001 से 2003 तक कृषि मंत्री और 2011 से 2014 तक नागरिक उड्डयन मंत्री भी रहे थे।

आरएलडी किसानों, मजदूरों और समाज के सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है। पार्टी खुद को समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पर आधारित बताती है।

लोकसभा चुनाव 2024 में आरएलडी ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होकर चुनाव लड़ा था। पार्टी ने उत्तर प्रदेश की बिजनौर और बागपत दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी।

मंगलवार को घोषित संसदीय बोर्ड में पूर्व सांसदों, पूर्व मंत्रियों और विधायकों को शामिल किया गया है। पार्टी के अनुसार संगठन को मजबूत करने और संसदीय रणनीति को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इस बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है।

साल 1950 में गाजियाबाद के मोरटा गांव में किसान परिवार में जन्मे केसी त्यागी ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में सांसद बने। उन्होंने समाजवादी आंदोलन से राजनीति में कदम रखा और बाद में जनता दल तथा जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख प्रवक्ता रहे। आपातकाल के दौरान संजय गांधी के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं में भी उनका नाम शामिल रहा।

केसी त्यागी 1989 से 1991 तक हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद रहे। इसके बाद वह 2013 से 2016 तक बिहार से राज्यसभा सदस्य भी रहे। उन्हें एक कुशल राजनीतिक विश्लेषक और रणनीतिकार माना जाता है। वर्ष 2024 में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह 22 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हो गए थे।

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Created On :   30 Jun 2026 10:17 PM IST

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