सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से तमिलनाडु को गर्मियों में बढ़ती मांग को पूरा करने में मिल रही मदद
चेन्नई, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। तमिलनाडु में गर्मी बढ़ने के साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि होने लगी है। वहीं, सौर ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि राज्य को बढ़ते भार को संभालने में मदद कर रही है, जिससे ग्रिड पर दबाव कम हो रहा है और इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (टीएनपीडीसीएल) के आंकड़ों से पता चलता है कि सौर ऊर्जा की निकासी 24 मार्च को 54.8 मिलियन यूनिट (एमयू) और 27 मार्च को 55.6 मिलियन एमयू तक पहुंच गई, जिससे नए रिकॉर्ड बने।
ये आंकड़े अगस्त 2025 में दर्ज किए गए 53.9 एमयू के पिछले शिखर को पार कर गए हैं, जो गर्मियों की चरम मांग शुरू होने से पहले ही नवीकरणीय ऊर्जा के योगदान में एक मजबूत रुझान का संकेत देते हैं।
इन दिनों के दौरान कुल बिजली खपत में सौर ऊर्जा का योगदान लगभग 13 प्रतिशत रहा, जो राज्य के ऊर्जा मिश्रण में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
बिजली उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ बिजली की खपत में भी लगातार वृद्धि हुई है, जिसका कारण उच्च तापमान, शीतलन उपकरणों का बढ़ता उपयोग और कुछ क्षेत्रों में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कुकिंग समाधानों की ओर बदलाव है।
राज्य में बिजली की खपत पहले ही 423.887 एमयू तक पहुंच चुकी है, जो इस मौसम में अब तक का सबसे उच्च स्तर है। तापमान में और वृद्धि होने की संभावना के साथ मांग में लगातार वृद्धि होने का अनुमान है और आने वाले हफ्तों में यह पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर सकती है।
प्रतिदिन 50 माइक्रोमीटर सौर ऊर्जा की निरंतर निकासी ने सभी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने में मदद की है। इस अतिरिक्त क्षमता ने, विशेष रूप से दिन के समय की चरम मांग के दौरान, स्थिरता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु ने इस वर्ष फरवरी में 1,745.24 माइक्रोमीटर सौर ऊर्जा का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। यह वृद्धि उन्नत बुनियादी ढांचे और अनुकूल जलवायु परिस्थितियों के कारण हुई है, जिससे उच्च उत्पादन संभव हुआ है।
तमिलनाडु की सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता में पिछले तीन वर्षों में तीव्र वृद्धि देखी गई है। मार्च 2022 में 5,303 मेगावाट से बढ़कर यह 12,352 मेगावाट हो गई है, जो नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना के महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है। इस निरंतर वृद्धि से राज्य की बढ़ती मांग को पूरा करने की क्षमता मजबूत होने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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Created On :   2 April 2026 11:29 AM IST












