बेंगलुरु काली टी-शर्ट में भाजपा का प्रदर्शन, नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसौधा में जबरन घुस गए
बेंगलुरु, 21 अगस्त (आईएएनएस)। आदिवासी कल्याण निगम में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग करते हुए काली टी-शर्ट पहने कर्नाटक भाजपा के विधायकों और एमएलसी को शुक्रवार को विधान सौधा के प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया, जिसके बाद वे जबरन विधानसभा में घुस गए।
इससे पहले भाजपा विधायकों ने विधायक भवन में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया था। इसका नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में नेता विपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने किया।
भाजपा के विधायकों और एमएलसी ने काली टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिन पर "इस समुदाय को न्याय मिलना चाहिए" और "भ्रष्ट मंत्री बी. नागेंद्र को इस्तीफा देना चाहिए" जैसे संदेश लिखे थे।
विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा विधायकों ने विधान सौधा की ओर मार्च निकाला। हालांकि, प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही मार्शलों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और यह कहते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया कि टी-शर्ट पहने विधायकों को सदन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
भाजपा विधायकों ने रोके जाने पर आपत्ति जताई और विधान सौधा में प्रवेश करने पर जोर दिया। आर. अशोक ने विधायकों और एमएलसी को सुरक्षाकर्मियों को धक्का देकर भवन में प्रवेश करने के लिए कहा।
इसके बाद भाजपा विधायकों ने "भारत माता की जय" के नारे लगाए और सुरक्षा घेरा तोड़कर विधान सौधा में प्रवेश कर गए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों ने आदिवासी कल्याण निगम के फंड के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठाते हुए नारे भी लगाए।
विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा, "इतने सारे सबूत होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने दलितों के लिए आवंटित धन की कथित लूट के लिए पूरे सत्र को रोक दिया है। क्या यह उचित है? क्या आपके पास कोई अन्य दलित नेता नहीं हैं? उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने सदन में दावा किया कि मंत्री नागेंद्र के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। जबकि उनके खिलाफ 31 मामले दर्ज हैं।”
अशोक ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्री पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं। सीबीआई की ओर से आरोप पत्र भी दायर किया गया है। मैंने सभी दस्तावेज जारी कर दिए हैं, फिर भी सरकार को संदेह है? सरकार को उन्हें बर्खास्त कर सत्र को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए।”
अशोक ने आरोप लगाया, "कांग्रेस दलित विरोधी रुख अपना रही है। कथित तौर पर लूटा गया पैसा राहुल गांधी के आवास और चुनाव में खर्च किया गया है। अगर मंत्री नागेंद्र को हटाया जाता है, तो कांग्रेस नेतृत्व को डर है कि वह सब कुछ उजागर कर देंगे।"
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि चल रहे विधानसभा सत्र के बाद भी पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। मुख्यमंत्री का रुख और सत्ताधारी पार्टी का यह कहना कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम भ्रष्ट मंत्री नागेंद्र को मंत्रिमंडल से नहीं हटाएंगे, यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टों की है और भ्रष्टों के लिए है।
विजयेंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा, "दलितों के लिए आवंटित धन की लूट करते समय क्या मंत्री नागेंद्र और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल को पता नहीं था कि वे दलितों का ही धन लूट रहे हैं?"
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Created On :   21 Aug 2026 9:45 PM IST












