केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर चर्चा का नेतृत्व किया
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शुक्रवार को कोलकाता में मंत्रालय से संबद्ध सांसदों की परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता की और महिला सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण योजनाओं पर चर्चा की।
बैठक में मिशन शक्ति के तीन प्रमुख घटकों वन स्टॉप सेंटर (ओएससी), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) और संकल्प: महिला सशक्तिकरण केंद्र (एचईडब्ल्यू) पर ध्यान केंद्रित किया गया। एक अधिकारी ने एक बयान में कहा कि बैठक में दोनों सदनों के सांसद और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
संसद सदस्यों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय महिला नेतृत्व वाले विकास और विकसित भारत के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सरकार की एकीकृत योजना है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अपनी 'संबल' उप-योजना के तहत (वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और नारी अदालत शामिल) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
'समर्थ्य' उप-योजना के तहत (महिला सशक्तिकरण केंद्र, पीएमएमवीवाई, शक्ति सदन, सखी निवास और पालना शामिल) केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में और पूर्वोत्तर तथा विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 90:10 के अनुपात में वित्त पोषण साझा किया जाता है। साथ ही, जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा नहीं है, उन्हें 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्त पोषण प्राप्त होता है।
केंद्रीय मंत्री ने सदस्यों को सूचित किया कि निर्भया कोष के तहत वित्त पोषित और 1 अप्रैल, 2015 से कार्यान्वित किए जा रहे वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता प्रदान करते हैं।
इस योजना का उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक ओएससी स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,033 ओएससी स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 991 कार्यरत हैं और 15.20 लाख से अधिक महिलाओं की सहायता कर चुके हैं।
पीएमएमवीवाई योजना पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 1 जनवरी, 2017 से पूरे भारत में लागू की गई इस योजना के तहत पहले बच्चे के लिए 5,000 रुपए का नकद प्रोत्साहन सीधे मां के आधार-लिंक्ड बैंक या डाकघर खाते में दो किस्तों में दिया जाता है, जिनमें गर्भावस्था के पंजीकरण और कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच पर 3,000 रुपए और प्रसव के पंजीकरण और टीकाकरण के पहले चक्र के पूरा होने पर 2,000 रुपए शामिल है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले लाभों के साथ-साथ, एक महिला को औसतन 6,000 रुपए मिलते हैं। उन्होंने बताया कि दूसरी संतान, यदि वह लड़की हो, तो उसके लिए भी 6,000 रुपए का नकद प्रोत्साहन दिया जाता है, ताकि बालिका के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिल सके।
राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने सदस्यों को उनके बहुमूल्य सुझावों के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें आश्वासन दिया कि मंत्रालय राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा ताकि मिशन शक्ति के तहत जरूरतमंद प्रत्येक महिला को सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण सेवाएं मिल सकें।
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Created On :   21 Aug 2026 9:45 PM IST












