राहुल गांधी और ममता बनर्जी घुसपैठियों को बचाने के लिए लड़ रहे हैं सीएम सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता, 3 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) मतदाता सूची से घुसपैठियों को हटाने की कोशिश कर रहा है, जबकि ममता बनर्जी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए 'घुसपैठियों' के मुद्दे पर ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने विपक्ष पर केंद्र सरकार के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी के 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में दिए गए भाषण पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा, "आजकल उन्हें किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाता, यहां तक कि किसी दुर्गा पूजा पंडाल के उद्घाटन में भी नहीं। अब उन्होंने रामलीला मैदान में भाषण दिया और चुनाव आयोग (ईसीआई) पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया। जहां एक तरफ केंद्र सरकार और चुनाव आयोग देश को घुसपैठियों से मुक्त करने और मतदाता सूची को साफ करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी और राहुल गांधी उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।"
इस बीच मंगलवार को कोलकाता में मौजूद भाजपा की महासचिव स्मृति ईरानी ने भी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उस सरकार ने पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने में मदद की थी।
उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान, कई बांग्लादेशी मतदाताओं को पश्चिम बंगाल में बसने दिया गया, ताकि वे उस समय की सत्ताधारी पार्टी के पक्के 'वोट बैंक' बन सकें।
ईरानी ने मंगलवार को कहा, "अब, पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद, ममता बनर्जी नई दिल्ली जा रही हैं ताकि वहां चुनाव आयोग विरोधी आंदोलन का हिस्सा बन सकें। जहां तक कांग्रेस की बात है, तो हर चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग को दोष देना उनकी आदत रही है।"
इससे पहले, पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने कहा कि अगर कांग्रेस, सीपीआई (एम) और तृणमूल कांग्रेस को 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर कोई शिकायत है, तो उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में हाथ मिलाने के बजाय, राज्य के भीतर ही आंदोलन करना चाहिए था।
भट्टाचार्य ने कहा, "ममता बनर्जी, अधीर रंजन चौधरी और मो. सलीम को पश्चिम बंगाल में विरोध रैली का नेतृत्व करना चाहिए था। ऐसा करने के बजाय, ये तीनों गुट नई दिल्ली में हाथ मिला रहे हैं और वहां आंदोलन आयोजित कर रहे हैं।"
--आईएनएस
एससीएच/एबीएम
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :  
