कर्नाटक पांच महीने से अटकी दिव्यांग सम्मान राशि जारी करने की मांग, भाजपा नेता आर अशोक का सरकार को पत्र
बेंगलुरु, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने बुधवार को राज्यभर में पिछले पांच महीने से रुकी हुई दिव्यांग सम्मान राशि को तुरंत जारी करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आंध्र प्रदेश की तर्ज पर इस राशि को बढ़ाकर 5,000 रुपए प्रतिमाह करने की भी अपील की।
इस संबंध में अशोक ने मुख्य सचिव और राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है।
अशोक ने सम्मान राशि के संशोधन और सत्यापन के नाम पर भुगतान रोकने पर नाराजगी जताते हुए इसे अमानवीय और माफ न किए जाने योग्य कदम बताया।
उन्होंने कहा कि संशोधन एक नियमित प्रक्रिया है और प्रशासनिक कमियों की वजह से आर्थिक सहायता बंद नहीं की जानी चाहिए।
मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को लिखे पत्र में अशोक ने कहा, "अधिकांश दिव्यांग लोग दवाइयों और मासिक जरूरी खर्चों के लिए इसी सम्मान राशि पर निर्भर रहते हैं।"
उन्होंने कहा कि सहायता राशि रोके जाने से उनके दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है।
अशोक ने करीब 6,000 एमआरडब्ल्यू, वीआरडब्ल्यू और यूआरडब्ल्यू कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी पिछले 19 वर्षों से सेवा दे रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लोगों तक सरकारी योजनाएं और सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बता दें कि एमआरडब्ल्यू, वीआरडब्ल्यू और यूआरडब्ल्यू कर्मचारी कर्नाटक के दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक सशक्तिकरण विभाग के तहत कार्यरत दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक पुनर्वास कर्मी हैं।
अशोक ने सरकार से विशेष मामले के रूप में इन कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की संभावना पर विचार करने और इस संबंध में मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्ताव रखने का अनुरोध किया।
नव कर्नाटक एमआरडब्ल्यू/वीआरडब्ल्यू/यूआरडब्ल्यू दिव्यांग सम्मान राशि कर्मचारी संघ के सदस्य और दिव्यांगजन रामनगर उपायुक्त कार्यालय के पास अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
अशोक ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त किया।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं भेजे जाने पर भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि अनशन पर बैठे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार को तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदर्शन स्थल पर भेजना चाहिए, उनका ज्ञापन प्राप्त करना चाहिए और आंदोलन खत्म कराने के लिए कदम उठाने चाहिए।
अशोक ने कहा कि यह मुद्दा केवल लंबित सम्मान राशि जारी करने या कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक सरकारी सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध कराने से भी जुड़ा है।
उन्होंने मुख्य सचिव से राजस्व विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने, संघ की मांगों पर विचार करने के लिए तत्काल बैठक बुलाने और शीघ्र कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
उन्होंने मांगों पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी भी मांगी।
अशोक की प्रमुख मांगों में रुकी हुई सभी महीनों की सम्मान राशि तुरंत जारी करना, मासिक सम्मान राशि को बढ़ाकर 5,000 रुपए करना, करीब 6,000 एमआरडब्ल्यू/वीआरडब्ल्यू/यूआरडब्ल्यू कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देना, उनकी सेवाओं को नियमित करने की संभावना पर विचार करना, राजस्व विभाग के लिए समयसीमा तय करना और रामनगर के प्रदर्शन स्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजना शामिल है।
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Created On :   7 Oct 2026 8:16 PM IST












