अनुपस्थिति को लेकर हंगामा: धंतोली जोन के 2 स्वच्छता निरीक्षक हुए निलंबित, हाजिरी लगाने के बाद गायब होना पड़ा महंगा

धंतोली जोन के 2 स्वच्छता निरीक्षक हुए निलंबित, हाजिरी लगाने के बाद गायब होना पड़ा महंगा
  • 81 सफाई कर्मचारियों पर भी दंड
  • आमसभा में सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर खासा हंगामा हुआ

डिजिटल डेस्क, नागपुर. महानगरपालिका के घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष से धंतोली जोन के दो कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। बुधवार को घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष से सामान्य प्रशासन विभाग को दोनों कर्मचारियों के निलंबन की सिफारिश की गई है। इन दोनों कर्मचारियों की धंतोली जोन के प्रभाग 33 में नियुक्ति हुई थी, लेकिन सफाई कर्मचारियों के कामों और हाजिरी पर निगरानी करने की बजाय दोनों कर्मचारी ही हाजिरी लगाकर गायब हो जाने की शिकायत मिलती रही। ऐसे में अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम के माध्यम से जोन में औचक निरीक्षण किया गया था, इस दौरान प्रभाग 33 में प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक अनूप तांबे और प्रभारी जमादार आकाश जाधव गायब पाएं गए। हालांकि हाजिरी से जुड़े दस्तोवजों और ऐप में दोनों की उपस्थिति दर्ज हुई थी। ऐसे में घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष से दोनों कर्मचारियों के निलंबन का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन को भेजा गया है।

पिछले माह महानगरपालिका की आमसभा में सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर खासा हंगामा हुआ। सत्ता और विपक्ष के नगरसवेकों से पुरजोर रूप से सफाई कर्मचारियों से हाजिरी लगाने के बाद गायब होने की शिकायत की गई। इस मामले में महापौर नीता ठाकरे ने सत्ता पक्ष नेता बाल्या उर्फ नरेन्द्र बोरकर और विपक्ष के नेता संजय महाकालकर की सफाई कर्मचारियों की मांग पर जांच करने का आदेश दिया था। महापौर के आदेश पर 30 सितंबर को हाजिरी स्टैंड पर आयुक्त डॉ विपिन समेत अन्य ने जांच की थी।

81 सफाई कर्मचारियों पर भी दंड

पिछले बुधवार को मनपा आयुक्त डॉ विपिन के नेतृत्व में महानगरपालिका के सफाई कर्मचारियों के हाजिरी स्टैड़ पर औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त अंकित, मुरूगानंथम, मिलिंद मेश्राम,उपायुक्त राजेश भगत और मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ गजेन्द्र महल्ले ने अलग-अलग जोन में पहुंचे थे, सभी अधिकारियों को करीब 81 सफाई कर्मचारी अपनी हाजिरी लगाने के बाद निर्धारित स्थान पर नहीं मिले थे। घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष से सभी गायब कर्मचारियों को नोटिस दिया गया था। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद आयुक्त के निर्देश पर आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रत्येक गायब कर्मचारी के अक्टूबर माह के वेतन से 1 हजार रुपए की कटौती की जाएंगी। इस संबंध में लेखा और वित्त विभाग के साथ ही सामान्य प्रशासन को सूचना दी गई है।

Created On :   7 Oct 2026 9:10 PM IST

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