Nagpur News: महाराष्ट्र में सूखे का दायरा बढ़ा, अब 302 तहसीलों में सूखा घोषित

महाराष्ट्र में सूखे का दायरा बढ़ा, अब 302 तहसीलों में सूखा घोषित
  • दिवाली से पहले किसानों को राहत देने की तैयारी
  • 20 अक्टूबर तक पंचनामा पूरे करने के निर्देश

Nagpur News महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य सरकार ने मंगलवार को 18 और तहसीलों में सूखा घोषित करने का फैसला किया। इसके साथ ही राज्य में सूखाग्रस्त तहसीलों की संख्या बढ़कर 302 हो गई है। सरकार ने प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले राहत राशि देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक में सूखे की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राज्यभर में 10 प्रतिशत पानी की कटौती सख्ती से लागू करने और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना के काम बढ़ाने के निर्देश दिए।

20 अक्टूबर तक पूरे होंगे पंचनामे

सूखाग्रस्त घोषित तहसीलों में फसल नुकसान के पंचनामे 20 अक्टूबर तक पूरे करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए हैं। अधिकारियों को पंचनामों के लिए 5 प्रतिशत निधि अलग रखने के लिए भी कहा गया है। सरकार के अनुसार, राज्य की 265 तहसीलों के 32,823 गांवों में से अब तक 17,941 गांवों में 38.17 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान के पंचनामे किए जा चुके हैं। करीब 45 प्रतिशत पंचनामे पूरे हो चुके हैं।

किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान न करें बैंक

बैठक में किसानों को फसल कर्ज देने में बैंकों की ओर से हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई गई। सरकार के मुताबिक अब तक केवल 8 प्रतिशत फसल कर्ज का वितरण हुआ है। बैंकों को किसानों से बार-बार दस्तावेज मांगने से बचने और पहले से फसल कर्ज लेने वाले किसानों से दोबारा अनावश्यक कागजात नहीं मांगने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीयकृत, निजी बैंकों और निजी वित्तीय संस्थानों को किसानों को कर्ज चुकाने के लिए फोन कर परेशान नहीं करने की चेतावनी दी गई है। ऐसा होने पर कार्रवाई की जाएगी।

चारा बैंक बनाने पर जोर

सूखे के कारण पशुओं के लिए चारे की कमी की आशंका को देखते हुए सरकार ने वन विभाग, पड़ीक जमीन और जलसंपदा विभाग के तालाबों के आसपास की सरकारी जमीन पर ग्रासलैंड विकसित कर बड़ी चारा बैंक तैयार करने का निर्णय लिया है। चारा छावनियों के साथ-साथ ग्राम पंचायतों के माध्यम से चारा डेपो शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया है। इससे पशुओं को किसानों के घर पर ही रखने और चारे की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। रबी में चना और ज्वार पर फोकस खरीफ फसल को नुकसान होने के बावजूद यदि पर्याप्त नमी या पानी उपलब्ध रहा तो रबी की फसल ली जा सकती है। ऐसे क्षेत्रों में चना और ज्वार की बुवाई को प्राथमिकता देने की योजना है।

सरकार किसानों के साथ

राजस्वमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि राज्य में कृषि संकट के साथ ही पेजयल संकट बढ़ने की संभावना है। अक्टूबर में मई के समान गर्मी है। इस प्राकृतिक संकट का सामना मिलजुलकर करेंगे। सरकार किसानों के साथ है। किसानों को सहायता के लिए सरकार विविध उपाययोजनाएं कर रही है। नागरिकों से खर्चीले कार्यक्रमों के आयोजनों को टालने का आव्हान किया गया है।


Created On :   7 Oct 2026 5:03 PM IST

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