जुबीन गर्ग मौत मामला आरोपी शेखरज्योति गोस्वामी की जमानत पर फैसला सुरक्षित, 28 मई को अगली सुनवाई

जुबीन गर्ग मौत मामला आरोपी शेखरज्योति गोस्वामी की जमानत पर फैसला सुरक्षित, 28 मई को अगली सुनवाई
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोपी बनाए गए शेखरज्योति गोस्वामी की जमानत याचिका पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने कहा कि वह 28 मई को जमानत याचिका पर अपना आदेश सुनाएगी।

गुवाहाटी, 18 मई (आईएएनएस)। सिंगर जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोपी बनाए गए शेखरज्योति गोस्वामी की जमानत याचिका पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने कहा कि वह 28 मई को जमानत याचिका पर अपना आदेश सुनाएगी।

दरअसल, शेखर ज्योति गोस्वामी जुबीन गर्ग के बैंड का हिस्सा थे और लंबे समय तक उनके साथ काम किया था। वह पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में हैं। सोमवार को उन्हें अदालत में पेश नहीं किया गया।

सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत से कहा कि गोस्वामी काफी लंबे समय से जेल में हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अभी भी जरूरी है, इसलिए आरोपी को जमानत देना सही नहीं होगा।

यह पूरा मामला पिछले साल 19 सितंबर को हुई जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ा है। सिंगापुर के लाजरस आइलैंड के पास तैराकी के दौरान उनकी मौत हो गई थी। यह घटना उस समय हुई थी, जब जुबीन गर्ग अगले दिन एक कार्यक्रम में परफॉर्म करने वाले थे। यह कार्यक्रम एनईआईएफ बैनर के तहत आयोजित होना था।

घटना के बाद असम पुलिस की सीआईडी ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने काफी समय तक मामले की गहराई से जांच की और दिसंबर में अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से चार आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।

इस मामले ने राजनीतिक स्तर पर भी काफी ध्यान खींचा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में इस मुद्दे पर बयान देते हुए इसे सीधा और साफ हत्या का मामला बताया था। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।

हालांकि, इस बीच सिंगापुर पुलिस ने भी इस मामले की अलग से जांच की थी। उनकी जांच रिपोर्ट में कहा गया कि जुबीन गर्ग की मौत में किसी तरह की साजिश के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन असम की जांच एजेंसियों ने साफ कर दिया कि विदेशी जांच एजेंसी की रिपोर्ट से राज्य में चल रही जांच और अदालत की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

फिलहाल, यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

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Created On :   18 May 2026 7:35 PM IST

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