जम्मू-कश्मीर में स्कूली किताब को लेकर विवाद, तरुण चुघ ने सरकार पर बोला हमला

जम्मू-कश्मीर में स्कूली किताब को लेकर विवाद, तरुण चुघ ने सरकार पर बोला हमला
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूल की किताबों में इस क्षेत्र को 'भारत-अधिकृत कश्मीर' और 'भारतीय-नियंत्रित कश्मीर' के रूप में बताए जाने और प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक मकबूल भट को 'शहीद' बताए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने इसे लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार पर निशाना साधा है।

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूल की किताबों में इस क्षेत्र को 'भारत-अधिकृत कश्मीर' और 'भारतीय-नियंत्रित कश्मीर' के रूप में बताए जाने और प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक मकबूल भट को 'शहीद' बताए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने इसे लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार पर निशाना साधा है।

आईएएनएस से बातचीत में तरुण चुघ ने कहा कि यह सिर्फ किताब का मामला नहीं है बल्कि शैक्षणिक जिहाद का मामला है। बच्चों के मन में भारत-विरोधी सोच भरने की साजिश है। देश इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार में इस तरह की किताबें बच्चों तक पहुंचाई जा रही हैं, जिनमें आतंकियों, कातिलों और देश के खिलाफ साजिश करने वालों का महिमामंडन किया जा रहा है और जम्मू-कश्मीर को भारत के कब्जे वाला क्षेत्र बताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रविरोधी भाषा आप किताबों में लिख रहे हैं, यह अस्वीकार्य है। आतंकियों ने लोगों की हत्या की, उनके हाथ सेना के खून से रंगे हैं, उन्हें नायक बनाया जा रहा है।

उन्होंने इसे नेशनल कॉन्फ्रेंस का हिडन एजेंडा बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि आखिर इसे मंजूरी किसने दी। लेखक, प्रशासक और अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और उनसे जवाब मांगा जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल का आभार जताया और कहा कि उन्होंने इन प्रश्नों को सामने रखकर अधिकारियों को निलंबित किया है लेकिन मामला दर्ज होना चाहिए। दोषियों को कठघरे में खड़ा करना चाहिए।

उन्होंने टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता को 'मां, माटी, मानुष' के नाम पर धोखा दिया, वह अब निष्ठा (लॉयल्टी) की बात कर रही हैं? जिन्होंने अपनी जिहादी मानसिकता से बंगाल की भावनाओं को कुचला है, आज जब जनता निर्ममता से सरकार चलाने वालों को जवाब दे रही है।

उन्होंने कहा कि सब चले गए और ममता जी किस निष्ठा (लॉयल्टी) की बात कर रही हैं? कांग्रेस से टीएमसी बनाना लॉयल्टी थी या टीएमसी को कांग्रेस की शरण में लाना लॉयल्टी है?

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Created On :   5 July 2026 5:26 PM IST

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